_____ मजदूर नेता कैलाश भट्ट पर लगाए गए झूठे मुकदमे वापस ले उत्तराखंड सरकार
_____ दिल्ली में मजदूर संगठनों ने स्थानिक आयुक्त उत्तराखंड सरकार को सौपा ज्ञापन
______ मजदूरों ने दी चेतावनी , मजदूरों की न्यूनतम वेतन की मांग माने उत्तराखंड सरकार, अन्यथा सारे देश में होगा आंदोलन
दिल्ली!
उत्तराखंड सरकार ने मजदूर मजदूर नेता कैलाश भट्ट के खिलाफ गुंडा एक्ट का मुकदमा लगाकर जिला बदल करने की कार्रवाई की है इसके खिलाफ तमाम मजदूर संगठनों ने इंकलावी मजदूर संगठन के नेत्रत्व में राउज ऐवेन्यू कोर्ट रोड़ स्थित स्थानिक आयुक्त उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन सौपकर मजदूर नेता कैलाश भट्ट पर लगाए गए झूठे मुकदमे बापस लेने की मांग की गई!
उत्तराखंड सरकार ने डांल्फिन कंपनी के मजदूरों पर अत्याचार कर रही है। डॉल्फिन के मजदूरों की एकता को तोड़ने के लिए उत्तराखंड सरकार गुंडा एक्ट लगाकर प्रदेश से बाहर करना चाहती है जिसे मजदूर संगठन किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे हर जोर जुल्य की टक्कर में संघर्ष जारी रहेगा
मजदूरों की एकता पर हमेशा हमले हुए हैं मजदूरों की न्यूनतम वेतन की मांग हो या फिर छटनी और निजीकरण के खिलाफ मजदूरों का आंदोलन हो हमेशा शासन और प्रशासन में आंदोलन को कुचलने का काम किया है। उसके बाद भी मजदूर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं और करते रहेंगे इसीलिए प्रशासन मजदूरों का दमन करने पर उतारू है!
सीपीआईएमएल मास लाइन के दिल्ली एनसीआर के सचिव विमल त्रिवेदी ने सरकार के फासीवादी चरित्र को उजागर किया गया! और कहा कि किसान मजदूर एकता के सामने सरकार को आज नहीं तो कल झुकना ही पड़ेगा
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की ऋिचा ने महिला मजदूरों की समस्याओं को उठाते हुए सरकार पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाया!
इंकलावी मजदूर केंद्र के अध्यक्ष खीमानंद और मून्नाप्रसाद ने उत्तराखंड सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार मजदूरों की न्यूनतम वेतन की मांग को दबाना चाहती मजदूर सरकार के जुल्म और अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष जारी रखे आएं!
इस अवसर पर हरीश अजीत सिंह मनोज कुमार अर्जुन सिंह सत्यवीर सिंह उमाकांत राकेश रागी राजेश कुमार अमित महेंद्र सिंह अमित आदि एक दर्जन से अधिक मजदूर संगठनों के नेताओं ने विचार व्यक्त किए _________धन्यवाद
