______ क्यों यूपी उपचुनाव की तारीख बदल दी गई? किसके कहने पर हुआ बदलाव हुआ, जानें अब कब होगा मतदान
__________. अब 13 की जगह 20 नवंबर को मतदान होगा. बीजेपी और राष्ट्रीय लोकदल की तरफ से मतदान को आगे बढ़ाने की मांग की गई थी.
______ कार्तिक पूर्णिमा त्योहार को देखते हुए चुनाव आयोग ने किया बदलाव
_______अखिलेश वोले भाजपा जब हारती है तो चुनाव टालती है टालेंगे तो और भी बुरा हारेंगे!
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव की तारीखों में बदलाव किए जाने के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आक्रोश व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी को कटघरे में खड़ा किया है उन्होंने आरोप लगाया है कि पहले मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला, अब बाक़ी सीटों के उपचुनाव की तारीख़ें बदलने के पीछे भाजपा का हार का डर है !!
दरअसल बात ये है कि उप्र में ‘महा-बेरोज़गारी’ की वजह से जो लोग पूरे देश में काम-रोज़गार के लिए जाते हैं, वो दिवाली और छठ की छुट्टी लेकर उप्र आए हुए हैं, और उपचुनाव में भाजपा को हराने के लिए वोट डालने वाले थे। जैसे ही भाजपा को इसकी भनक लगी, उसने उपचुनावों को आगे खिसका दिया, जिससे लोगों की छुट्टी ख़त्म हो जाए और वो बिना वोट डाले ही वापस चले जाएं।
बताते चले उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीख में बदलाव किया गया है. अब 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को मतदान होंगे. कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान त्योहार को देखते हुए तारीखों में बदलाव किया गया है. गौरतलब है कि बीजेपी और राष्ट्रीय लोकदल की तरफ से एक ज्ञापन सौंपकर उपचुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग की गई थी .!
गौरतलब है कि यूपी की गाजियाबाद, मीरापुर, खैर, कुंदरकी, कटेहरी, सीसामऊ, फूलपुर, करहल और मिर्जापुर की मझवां सीट पर उपचुनाव होना है. इसमें से कानपुर की सीसामऊ सीट को छोड़कर सभी अन्य सीट विधायकों के सांसद बनने की वजह से रिक्त हुई है. सीसामऊ सीट सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी के 7 साल की सजा होने की वजह से खाली हुई है. अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर चुनाव याचिका लंबित होने की वजह से होल्ड पर रखी गई है.
उपचुनाव वाली 9 विधानसभा वाली सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. प्रत्याशियों के पर्चों की जांच भी हो चुकी है. सभी 9 सीटों पर कुल 90 उम्मीदवार मैदान में हैं. वैसे तो मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच है, लेकिन कई सीटों पर बसपा और आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी बीजेपी और सपा का समीकरण बिगाड़ सकते है!

