_______कृषि मार्केटिंग की राष्ट्रीय नीति का नया मसौदा” तीन जनविरोधी किसान-विरोधी काले कानूनों की पिछले दरवाजे से वापसी है..!!
नई दिल्ली. …!!
_______इसके माध्यम से कृषि मार्केटिंग कानूनों और नीतियों नीचे लिखे सुधार पेश किए गए हैं..!!
1___ प्राइवेट थोक बाजार स्थापित करने की अनुमति दी गई है।
(अध्याय 7.1.3.1)
2____ सार्वजनिक निजी भागीदारी (Public Private Partnership) की स्कीम के माध्यम से जनता के धन से बनी मौजूदा एपीएमसी मण्डियों को प्राइवेट मालिकों के हवाले कर दिया जाएगा।
(अध्याय 3.2)
3____ प्राइवेट मालिकों को कृषि उपज की ऑनलाइन खरीद-बिक्री करने और व्यापार संचालन की अनुमति दी जाएगी।
(अध्याय 7.1.3.4)
4___ अनुबंध खेती को लागू किया जाएगा। कृषि उपज और कृषि भूमि दोनों पर प्राइवेट मालिकों के नियन्त्रण का रास्ता खोल दिया जाएगा।
(अध्याय 10.1.1)
5___ पैकेट-बन्द तैयार-शुदा खाने पीने की चीजें बनाने वाले उद्योगपतियों, विदेश में निर्यात करने वाले व्यापारियों, बड़े बड़े खुदरा विक्रेताओं, थोक व्यापारियों द्वारा खेत से सीधे थोक में खरीद करने की अनुमति दी जाएगी।”
(अध्याय 7.1.3.2)
6___ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की तर्ज पर “मूल्य बीमा योजना” लागू की जाएगी।
(अध्याय 10.1.3)
(वर्तमान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान जो किश्त जमा करते हैं उसकी 97 प्रतिशत राशि प्राइवेट कम्पनियां हड़प कर जाती हैं। मुआवजा के लिए आवेदन रद्द कर दिये जाते हैं। केवल 6.61 प्रतिशत फसल खराबे का ही मुआवजा दिया जाता है।
7___ वायदा बाजार और शेयर बाजार (सट्टा बाजार) को खुली इजाजत दी गई है।
8___ किसानों के भीतर से एफपीओ के नाम से जो सरकारी कृपा-पात्र संगठन बनाये गये हैं, उन से प्राइवेट कारपोरेट कम्पनियों के लिए दलाली कराई जाएगी। एफपीओ के माध्यम से ही अनुबंध ठेका खेती और सट्टा बाजारी, शेयर मार्केटिंग कराई जाएगी। किसानों के भीतर से किसानों के खिलाफ भीतरघात कराई जाएगी।
….. संक्षेप में, कृषि उपज के सम्पूर्ण बाजार पर कॉरपोरेट जगत का पूर्ण कब्ज़ा हो जाएगा।*
____ इसके बहुत ही खतरनाक व विनाशकारी परिणाम होंगे..!!
1___ बड़े पैमाने पर किसान बर्बाद हो जाएंगे और उनके हाथ से जमीन निकल जाएगी। वे भूमिहीन लोगों में तबदील हो जाएंगे।*
2___ लाखों-करोड़ों छोटे व्यापारी और दुकानदार बाजार से बाहर हो जाएंगे।
3___ खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं पर देसी-विदेशी कम्पनियों का नियन्त्रण हो जाएगा।
____किसानों पर कर्ज बढ़ेगा।
पहले से भी ज्यादा किसान आत्महत्या के लिए मजबूर होंगे।
परिणामस्वरूप, मंहगाई चरम सीमा तक बढ़ेगी जिससे कुपोषण व भुखमरी बढ़ेगी।
केंद्र की भाजपा सरकार अपने कॉरपोरेट आकाओं के हितों की सेवा करने के लिए यह सब कुछ करना चाहती है।
___खबरदार चौकीदार!
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___ इस नीति में एमएसपी का कतई कोई जिक्र तक नहीं है। यदि इसे नहीं रोका गया तो न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP सपनों में भी नहीं मिलनी।
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