__________आडंबर और अंधविश्वास की वजह से दुनिया में बढ़ रही है नास्तिकता…!!
___________खुद को नास्तिक बताने वालों की संख्या में 3 फीसदी की वृद्धि हुई, जो 13 फीसदी तक पहुँच गई…!!
नई दिल्ली. ..!!
धार्मिक कट्टरपंथियों को यह जानकार निराशा होगी कि हाल के अध्ययनों और सर्वेक्षणों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि दुनिया में नास्तिकों की संख्या बढ़ रही है।
जापान, कनाडा, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड्स, चेक गणराज्य, एस्तोनिया, जर्मनी, फ्रांस, उरुग्वे ऐसे देश हैं जहाँ 100 साल पहले तक धर्म महत्वपूर्ण हुआ करता था, लेकिन अब इन देशों में ईश्वर को मानने वालों की दर सबसे कम है।
शायद इसका कारण यह है कि इन देशों में शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था काफ़ी मज़बूत है।
आर्थिक असमानता कम है और लोग अपेक्षाकृत अधिक शिक्षित और धनवान हैं।
यहाँ पर यह आश्चर्यजनक है कि धर्म में आस्था ब्राज़ील, जमैका और आयरलैंड जैसे समाजों व देशों में भी घटी है जिनमें ख़ासे धार्मिक लोग हैं।
विभिन्न वैश्विक सर्वे और शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि पिछले कुछ दशकों में नास्तिकों यानी ईश्वर या किसी अलौकिक शक्ति में विश्वास न करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। नीचे इन सर्वेक्षणों का विवरण दिया गया है—
1__ गैलप इंटरनेशनल सर्वे (2005-2011)
इस सर्वे में 57 देशों में 50,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया था।
इसके अनुसार, 2005 में 77% लोग धार्मिक थे, जो 2011 तक घटकर 68% रह गए।
वहीं, खुद को नास्तिक बताने वालों की संख्या में 3% की वृद्धि हुई, जो 13% तक पहुँच गई।
___ प्यू रिसर्च सेंटर…!!
2010 के दशक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर नास्तिकों और अज्ञेयवादियों (agnostics) की संख्या 500 मिलियन से 1.1 बिलियन के बीच अनुमानित थी। यह संख्या समय के साथ बढ़ती दिखाई दे रही है, खासकर विकसित देशों में।
WIN/गैलप इंटरनेशनल (2017)
इस सर्वे में वैश्विक नास्तिक आबादी को 9% बताया गया, जबकि नवीनतम अनुमानों (2023) में यह 23% तक पहुँचने की बात कही गई। यह अंतर सर्वे की परिभाषाओं और विधियों पर निर्भर करता है।
2. किन क्षेत्रों में बढ़ रही है नास्तिकता?
(क). विकसित देश..!
नास्तिकता में सबसे अधिक वृद्धि उन देशों में देखी गई है जो आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए
चीन..!
यहाँ 68% से अधिक आबादी (लगभग 95 करोड़ लोग) नास्तिक मानी जाती है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा नास्तिक देश बनाता है।
यूरोप..!
नॉर्वे (39% नास्तिक), स्वीडन, जर्मनी, फ्रांस, और चेक गणराज्य जैसे देशों में नास्तिकों की संख्या बढ़ रही है।
जापान और दक्षिण कोरिया…!!
इन देशों में धार्मिकता में कमी और धर्मनिरपेक्षता में वृद्धि देखी गई है।
(ख). विकासशील देश…!
भारत जैसे देशों में भी नास्तिकता बढ़ रही है, हालांकि यह अभी भी अल्पसंख्यक है। 2011 की जनगणना में 33,000 लोगों ने खुद को नास्तिक बताया और अनौपचारिक अनुमान इसे अधिक मानते हैं।
3__नास्तिकता बढ़ने के कारण…!!
वैज्ञानिक प्रगति—विज्ञान ने प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या दी, जिससे अलौकिक शक्तियों पर निर्भरता कम हुई।
सूचना तक पहुँच…!!
इंटरनेट और शिक्षा ने लोगों को विभिन्न दृष्टिकोणों से अवगत कराया है जिससे धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठे।
सामाजिक सुरक्षा. .!!
जिन देशों में आर्थिक और सामाजिक स्थिरता है, वहाँ लोग कम धार्मिक हो रहे हैं, क्योंकि संकट के समय धर्म की ओर रुझान कम होता है।
साँस्कृतिक बदलाव. ..!!
धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली संस्कृतियाँ नास्तिकता को प्रोत्साहित करती हैं।
4__भविष्य का अनुमान…!!
यदि वर्तमान रुझान जारी रहा तो नास्तिकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 2050 तक नास्तिक और अज्ञेयवादी वैश्विक आबादी का बड़ा हिस्सा बन सकते हैं, खासकर शहरी और शिक्षित समुदायों में। हालाँकि, प्राकृतिक आपदाओं या संकटों के समय धार्मिकता में भी उछाल देखा जा सकता है।
निष्कर्षत: दुनिया में नास्तिकों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ रही है और यह वृद्धि वैज्ञानिक सोच, शिक्षा, और सामाजिक परिवर्तनों से जुड़ी है।
फिर भी धार्मिक विश्वास अभी भी वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली हैं और नास्तिकता का प्रसार क्षेत्रीय और साँस्कृतिक कारकों पर निर्भर करता है
____________कुछ देशों में कुल जनसंख्या में नास्तिकों का अनुमानित प्रतिशत. ….!!
वियतनाम 81, स्वीडन78, चेक गणराज्य 75 ,यूनाइटेड किंगडम72 , ऑस्ट्रेलिया70, जापान 65 ,नीदरलैंड, 58 डेनमार्क 56.2,
दक्षिण कोरिया 54.9, न्यूज़ीलैंड 51.6 ,स स्कॉटलैंड 51.1 ,जर्मनी 46.2, नॉर्वे 39 ,फ़िनलैंड 33.6, स्विट्ज़रलैंड33.5, फ़्रांस 33, कनाड 26.66, अल्बानिया 24.4 ,सिंगापुर 20, भारत 6
भारत में तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में नास्तिकों की संख्या और प्रतिशत अन्य राज्यों की अपेक्षा सबसे ज़्यादा है.♦️
____________Shyam Singh Rawat….!!!
