___ विद्यालयों महाविद्यालय में हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलन नाटकों का आयोजन कर बचाएं सांस्कृतिक विरासत. ..!!
___नफरत फैलाने वाली भाजपा आर एस एस को प्यार मोहब्बत बांट कर दे जबाव…!!
बांदा उत्तर प्रदेश. ..!!
जनवादी लेखक संघ के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने आए हास्य व्यंग के राष्ट्रीय कवि संपत सरल ने डी न्यूज़ सुपरफास्ट समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि सत्ता का परिवर्तन कभी भी हो सकता है परंतु जिस तरीके से सांस्कृतिक विरासत को भाजपा आरएसएस खत्म करने में लगी है उसे बचाने की आवश्यकता है हमें मिलकर भावी पीढ़ी को हास्य व्यंग्य के कवि सम्मेलनों नाटकों के माध्यम से सजग और जागरूक करना होगा तभी हम धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे पर आधारित अपनी मिलीजुली संस्कृति को बचा सकेंगे…!!
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि भाजपा और आरएसएस से लड़ने की जरूरत नहीं है उसे उसी की भाषा में जवाब देने की आवश्यकता है जिस तरीके से लोहे को लोहा काटता है उसी तरीके से भाजपा को काटना होगा भाजपा नफरत फैलती है आप प्यार बनती है भाजपा दंगा फसाद करती है आप अमन चैन काम करने की बात करिए भाजपा अपने आप कमजोर पड़ जाएगी देश और समाज में नफरत फैलाकर भाजपा आरएसएस फूट डालना चाहती है वह अपने एजेंडा पर काम कर रही है हमें अपने एजेंडा पर काम करना चाहिए..!!
उन्होंने कहा कि हम लोग एक नाजुक समय से गुजर रहे हैं ऐसे समय में देश के नौजवानों को अपना दायित्व और कर्तव्य समझना होगा अन्यथा आने वाली पीढ़ियां हमें अच्छी नजर से नहीं देखेंगे देश में दो वर्ग तैयार कर दिए गए हैं एक वह वर्ग है जिसके पास पूंजी इकट्ठी हो रही है दूसरा वर्ग वह है जो राशन पर पाल रहा है पूंजी और सत्ता का केंद्रीयकारण किया जा रहा है इसके खिलाफ हमें लामबंद होने की आवश्यकता है…!!
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से देश में अराजकता का माहौल कायम करने की कोशिश की जा रही है उसे सब लोग जानते हैं बस बोलने की आवश्यकता है अभिव्यक्त की आजादी पर जो हमला हो रहा है उसका जवाब दिए बिना कोई हल नहीं निकल सकता जवाब देने के लिए हमें वक्त का इंतजार नहीं करना होगा जो व्यक्ति जिस हालत में है उसे बोलना होगा संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई तेज करनी होगी तभी हम हजारों वर्ष पुरानी अपनी सांस्कृतिक विरासत को जो भाईचारे पर आधारित है उसे बचा पाएंगे…!!
