______ देश में 400 नदियां हैं, लेकिन यमुना के पानी में ही फोम क्यों? कैसे और कहां से शुरू होती है गंदगी
भारत में 400 से ज्यादा नदियां हैं. 8 प्रमुख नदियां हैं. लेकिन हर साल सिर्फ यमुना में ही क्यों झाग बनता है. वह भी इतना ज्यादा कि पानी नहीं दिखता. ये झाग हर साल आता है. इस नदी का एक सेक्शन है, जो बहुत ही ज्यादा प्रदूषित है. ये सेक्शन है वजीराबाद से ओखला के बीच. आइए जानते हैं इस क्षेत्र में पानी सबसे अधिक प्रदूषित होता हैं। उसके बाद भी सरकार के पास प्रदूषण से निजात पाने की कोई कार्य योजना नहीं हैं जिससे समूची दिल्ली जहरीला पानी पीने को मजबूर हो रही हैं!
हर साल यमुना में जो सफेद झाग का नजारा देखने को मिलता है, वैसा भारत में शायद ही किसी नदी में दिखता हो. देश में 8 प्रमुख और 400 से ज्यादा अन्य नदियां हैं. कुछ अरब सागर तो कुछ बंगाल की खाड़ी में मिलती है. अगर यमुना की बात करें तो उत्तराखंड के यमुनोत्री से लेकर प्रयाग के संगम तक ही इसका अस्तित्व दिखता है. लेकिन जैसे ही ये नदी दिल्ली के 22 किलोमीटर लंबे इलाके में आती है, इसका चेहरा ही खराब हो जाता है.
दिल्ली में घुसते ही यमुना नदी नहीं, बल्कि नाला बन जाती है. दुर्गंध, झाग, सूखे इलाके, शैवाल जैसी डरावनी चीजें आपके नाक, दिमाग और आंख को डराती हैं. नदी को देख कर जो अच्छा सुख और शांति मिलनी चाहिए, वो खत्म हो जाती है. क्यों दिल्ली में ही यमुना अपना अस्तित्व खो देती हैं? क्या सरकार की जिम्मेदारी है या जनता की?
दिल्ली के आस-पास जो यमुना की दयनीय स्थिति है वह किसी से छुपी नहीं हैं दिल्ली सरकार केबल लोगों सब्जबाग दिखाकर मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही जिससे दिल्ली को स्वच्छ दिल्ली नहीं बनाया जा सकता है।!
