_______ पीतल मजदूर यूनियन संबंध ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर के द्वारा भगतसिंह, सुखदेव व राजगुरू की शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन. .!!
मुरादाबाद / उत्तर प्रदेश
देश के आजादी आंदोलन की गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगतसिंह सुखदेव व राजगुरू की 94 वें शहादत दिवस पर रामलीला मैदान लाइन पर मुरादाबाद के तत्वावधान में *श्रद्धांजलि कार्यक्रम* आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगतसिंह सुखदेव व राजगुरू की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह व उनके क्रांतिकारी साथियों के शोषण विहीन समाज के सपने को पूरा करने के लिए देश के छात्र, नौजवानों, मजदूरों और किसानों को आगे आना होगा। भगतसिंह ने जिस पूंजीवाद साम्राज्यवाद का विरोध करके देश में शोषण विहीन समाज कायम करने का सपना देखा था आज हम उससे कहीं बहुत दूर हैं। रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा व सम्मान जैसी मूलभूत जरूरतों से महरूम होकर करोड़ों लोग दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। जिन छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चों को स्कूल जाने, खेलने – कूदने व सीखने और एक अच्छा इंसान बनने के लिए मौका मिलना चाहिए, आज उन्हीं छोटी उम्र के बच्चों को ईंट के भट्टों पर, होटलों, ढाबों और कारखाने में काम करते हुए देखा जाता है। देश में ऐसा ही विकास हुआ है।
8 अप्रैल 1928 को भगत सिंह और उनके साथियों ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल के विरोध में बम विस्फोट किया था। आज उससे भी कहीं ज्यादा मजदूर वर्ग विरोधी कानून लाये जा रहे हैं।मजदूरों के संघर्षों द्वारा आयोजित श्रम कानून को समाप्त कर चार श्रम कोड लाये जा रहे हैं। मालिकों को मजदूरों के शोषण की खुली छूट दी जा रही है। इसी प्रकार किसानों को आजादी के 75 साल बाद भी उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। शोषण विहीन समाज बनाने का भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु का सपना आज अधूरा है। इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने का मतलब है उनके अधूरे काम को पूरा करने का संकल्प लेना।
सभा का संचालन संजीव शुक्ला ने किया और अध्यक्षता साथी सुरेश पाल सिंह ने की ।सभा में रघुवीर सिंह, राजू सिंह, सुरेश पाल सिंह, रंजन नंदा,अबरार, राजेन्द्र सिंह,सूरज पाल आदि मौजूद रहे।
