_____भारत में दो मॉडल: केरल बनाम भाजपा-शासित राज्य कौन सही दिशा में है पढ़े और बताएं …???
______भारत आज दो विचारधाराओं की दो अलग-अलग ‘गवर्नेंस मॉडल्स’ के बीच खड़ा है:..!!
______ एक ओर वामपंथ का केरल मॉडल, और दूसरी ओर भाजपा शासित (दक्षिपंथ) राज्य, जिनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा जैसे राज्य प्रमुख हैं.!!
नई दिल्ली. ..!!!
इस लेख में हम इन दोनों मॉडलों की तुलना जीवन के उन क्षेत्रों में करेंगे, जो आम नागरिक के दैनिक जीवन और देश के भविष्य को सीधे प्रभावित करते हैं आइए देखते है तुलानात्मक दृष्टिकोण से कितना दोनों में अंतर हैं. ..!!
____ 1. शिक्षा: जनहित बनाम प्रचार..!
___ ? केरल (वामपंथ मॉडल):.!
शिक्षा पर सबसे अधिक बजट खर्च (GDP का ~6%)
सरकारी स्कूलों की दशा इतनी बेहतरीन है कि निजी स्कूलों की मांग घटी.!
सबसे ऊँची साक्षरता दर (96%+), बालिका शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन.
पाठ्यक्रमों में वैज्ञानिक सोच, तर्कशक्ति और सामाजिक समानता पर बल..!
____ ? भाजपा शासित राज्य:..!
शिक्षा बजट में कटौती और निजीकरण को बढ़ावा..!
सरकारी स्कूलों की बदहाली, शिक्षकों की भारी कमी..!
धार्मिक ग्रंथों और मिथकों को विज्ञान की जगह थोपना (उदाहरण: “गणेश, प्लास्टिक सर्जरी का प्रमाण है”).!
उच्च शिक्षा संस्थानों में विचारधारात्मक दखल और छात्र स्वतंत्रता पर अंकुश (JNU, BHU इत्यादि)
____ 2. स्वास्थ्य: सेवा बनाम ‘बाजार.!
____ ? केरल:.!
हर नागरिक के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता..!
कोविड प्रबंधन में WHO द्वारा प्रशंसा.!
अस्पतालों में आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और मुफ्त इलाज.!
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मानवीय और सामाजिक सम्मान..!
___ ? भाजपा शासित राज्य:.!
आयुष्मान भारत जैसी बीमा योजनाएं जो निजी अस्पतालों को फायदा पहुँचाती हैं, जनता को नहीं.!
कोविड प्रबंधन में लाशें गंगा में तैरती दिखीं, श्मशानों में वेटिंग (उत्तर प्रदेश)
PM CARES फंड का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा नहीं.!
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपस्थिति.!
_____ 3. रोजगार: श्रम सम्मान बनाम कॉर्पोरेट सेवा.!
___ ? केरल:.!
सरकारी क्षेत्र की नौकरियाँ बचाई गईं, संविदा नियुक्तियों का विरोध.!
मज़दूर संगठनों की सक्रिय भागीदारी और सुरक्षा.!
मनरेगा का प्रभावी क्रियान्वयन, महिला मज़दूरों को प्राथमिकता..!
श्रमिकों के लिए न्यूनतम मज़दूरी से ऊपर भुगतान, देशभर में श्रमिको के लिए सबसे अधिक मजदूरी तय.!
____ ? भाजपा शासित राज्य:.!
“Ease of Doing Business” के नाम पर श्रम कानूनों की कटौती.!
बड़े पैमाने पर सरकारी संस्थानों का निजीकरण (LIC, एयर इंडिया, रेलवे)
कॉर्पोरेट को टैक्स छूट, मज़दूरों को बेरोज़गारी..!
युवाओं के रोजगार के नाम पर केवल भाषण और विज्ञापन.!
_____ 4. सामाजिक न्याय: समावेशिता बनाम विभाजन.!
____? केरल:..!
जाति-धर्म से ऊपर उठकर योजनाओं का लाभ.!
दलित, मुस्लिम, ट्रांसजेंडर समुदायों के लिए आरक्षण, योजनाएं, रोजगार और सुरक्षा.!
महिलाओं की राजनीतिक, शैक्षिक और सामाजिक भागीदारी सबसे अधिक.!
LGBTQ+ अधिकारों पर सार्वजनिक बहस और समर्थन.!
___ ? भाजपा शासित राज्य:.!
लव जिहाद जैसे कानूनों से मुस्लिम युवाओं को टारगेट करना.
अनुसूचित जातियों पर अत्याचार में वृद्धि (देखें: हाथरस कांड, उन्नाव बलात्कार)
समान नागरिक संहिता (UCC) के नाम पर अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास.!
ट्रांसजेंडर बिल में उन्हें “बेहतर इंसान” बनाने की भाषा — जो भेदभावपूर्ण है.!
___ 5. धर्म और राजनीति: संविधान बनाम ध्रुवीकरण…!
__? केरल (वामपंथी नीति):..!
धर्म को निजी आस्था के रूप में माना जाता है, न कि राज्य नीति का आधार..!
सभी धर्मों के त्योहारों को सांस्कृतिक सौहार्द से मनाया जाता है..!
सरकारी योजनाएं, धर्म आधारित नहीं बल्कि ज़रूरत आधारित होती हैं..!
____ ? भाजपा शासित राज्य:.!
मंदिर निर्माण, गोरक्षा, धर्मांतरण जैसे मुद्दों को चुनावी हथियार बनाना.
अल्पसंख्यकों को “अन्य/गैर” के रूप में प्रस्तुत कर सामाजिक खाई बढ़ाना..!
धर्म की राजनीति कर वोटों का ध्रुवीकरण — जो लोकतंत्र नहीं, देशद्रोह है..!
हेट स्पीच और दंगों पर सत्ताश्रयी चुप्पी!
___6. मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता..!
__ ? केरल:..!
आलोचनात्मक पत्रकारिता को रोका नहीं जाता, बल्कि संवाद किया जाता है.!
सरकार की आलोचना पर मुकदमे नहीं, संवाद का प्रयास.!
फिल्म, कला, संस्कृति को राजनीतिक विचारधारा से अलग रखने की नीति.!
___ ? भाजपा शासित राज्य:..!
मीडिया घरानों पर नियंत्रण; “गोदी मीडिया” का उदय.!
RTI कार्यकर्ता, पत्रकार और एक्टिविस्टों को जेल में डालना (उदाहरण: गौरी लंकेश, सिद्धीक कप्पन)
फिल्मों, सीरियल और वेबसीरीज़ पर “हिंदू भावनाएं आहत” नामक सेंसरशिप.!
__7. महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण..!
__? केरल:..!
महिला साक्षरता, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में देश भर में अग्रणी.!
घरेलू हिंसा के खिलाफ व्यापक हेल्पलाइन नेटवर्क.!
‘पिंक पुलिस’, सार्वजनिक स्थल पर महिला सहायता केंद्र.!
‘कुडुंबश्री’ जैसी योजनाओं से महिला स्वावलंबन को बढ़ावा..!
__ ? भाजपा शासित राज्य:..!!
हाथरस, उन्नाव, कठुआ जैसे मामलों में शासन की भूमिका सवालों के घेरे में..!!
महिला स्वतंत्रता को संस्कृति के नाम पर नियंत्रित करने की प्रवृत्ति.
महिला आरक्षण बिल में वर्षों की देरी; और लागू करने में शिथिलता.!
__8. अर्थव्यवस्था व गरीबी उन्मूलन..!!
__? केरल:..!
गरीबी दर न्यूनतम = (~0.71%, NITI Aayog 2023)
लाभार्थी योजनाओं की पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था.
सहकारी समितियों और MSMEs को बढ़ावा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मज़बूत..!
___? भाजपा शासित राज्य..!!
बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर (विशेषकर UP, MP, Bihar में)
FCI और PDS में भ्रष्टाचार से गरीबों को राशन तक नहीं मिल रहा..!
योजनाएं घोषणाओं में सीमित, ज़मीन पर कार्यान्वयन शून्य.
निष्कर्ष: भारत के मतदाता किस दिशा में जाए?
केरल मॉडल हमें दिखाता है कि जब सत्ता जनसेवा, नीति समावेशी, और विचारधारा मानवतावादी हो — तो समाज कैसे समृद्ध, स्वस्थ, शिक्षित और न्यायपूर्ण बनता है…!!
इसके विपरीत भाजपा शासित मॉडल में सत्ता का अर्थ है ध्रुवीकरण, नीति का उद्देश्य है कॉर्पोरेट तुष्टीकरण, और विचारधारा का आधार है संकीर्ण सांस्कृतिक राष्ट्रवाद…!!
वामपंथी राजनीति धर्म का सम्मान करती है, लेकिन उसका राजनीतिकरण नहीं करती.!!
दक्षिणपंथी राजनीति धर्म के नाम पर नफरत और वोटों का व्यापार करती है — यह असंवैधानिक व देशद्रोह है…!!
अब प्रश्न यह नहीं है कि “कौन सत्ता में हैं..?”
बल्कि यह है कि “कौन देश को सही दिशा में ले जा रहा हैं..?”
__केरल मॉडल एक आइना है — बाक़ी देश को देखने और सीखने के लिए.
___फैसला हमारे आपके विवेक का है — धर्म आधारित शासन या अधिकार आधारित व जनवाद प्रेरित लोकतंत्र..!! C&P
