________बिजली के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित सात सूत्रीय मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा. ..!!

________ किसान नेताओें ने बिजली का निजीकरण कर कारपोरेट घरानों को लाभ पहुँचाने का सरकार पर लगाया आरोप. ..!!
बरेली / उत्तर प्रदेश
संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के आवाहन पर किसान नेता डॉ रवि नागर के नेतृत्व में, बिजली के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित सात सूत्रीय मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट बरेली को प्रेषित किया।
किसान नेता डॉ रवि नागर में बताया की बिजली का निजीकरण जन विरोधी है। क्योंकि बिजली आम जनता की रोटी, कपड़ा एवं मकान की तरह प्रमुख आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने कहा की सरकार कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह की योजना बना रही है। प्रदेश का किसान किसी भी कीमत पर इसको सफल नहीं होने देगा ।
उन्होंने कहा की संविधान के अनुसार कानून का सम्मान करते हुए देश का प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के लिए धरना प्रदर्शन कर सकता है। किंतु सरकार निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली विभाग के कर्मचारियों बर्खास्त की जैसी कार्रवाई करके उन्हें डराने का काम कर रही है। जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को उनका शोषण तत्काल बंद करना चाहिए। साथ ही साथ सरकार को अपना चुनाव में किया हुआ वादा याद रखना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी जो अभी तक नहीं मिल पाई है।
उन्होंने कहा कि किसानों की ट्यूबवलों पर जबरदस्ती मीटर लगाए जा रहे हैं। जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पूर्व में ही सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली देने की घोषणा कर चुके हैं। सरकार को तत्काल इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने की योजना को विराम देना चाहिए। मांग पत्र में कहा गया कि सरकार को शीघ्र से शीघ्र इस सात सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए अन्यथा किसान एकता संघ संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के अंदर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
मांग पत्र सौंपने वालों में प्रमुख रूप से युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजेश शर्मा, प्रदेश महासचिव डॉक्टर हरिओम राठौर, मंडल मीडिया प्रभारी अमरजीत सिंह,महानगर उपाध्यक्ष संजय पाठक, जिला उपाध्यक्ष गिरीश गोस्वामी, जिला उपाध्यक्ष मैनेजर खान,जिला सचिव वीरेश भगत जी, लखपत सिंह यादव, तहसील सचिव प्रदीप यादव, महानगर सचिव विजय सिंह, रंजीत पाल, महानगर उपाध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, धनपाल मौर्य, सहित दर्जनों किसान एकता संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
