______बिजली के निजीकरण के खिलाफ किसानों-मजदूरों का प्रतिरोध प्रदर्शन…!!

______ बिजली को देशी-विदेशी बडे़ पूंजीपतियो के हाथों में सौपने बिजली दरों में 30 फीसदी वृद्वि के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग….!!
_______सभी फसलों को एमएसपी की गारंटी, कृषि बाजार नीति वापस लेने की सरकार को दी चेतावनी
इटावा, मैनपुरी / उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश किसान सभा, आशा-रसोइया यूनियनों (सीटू) ने साझा जुझारू प्रदर्शन कर बिजली को देशी-विदेशी बडे़ पूंजीपतियो के हाथों में सौपने स्मार्ट/प्रीपेड मीटर योजना के खिलाफ बिजली दरों में 30 फीसदी वृद्वि के प्रस्ताव की वापसी, बिजली कटौती रोकने, हडताली बिजली कर्मचारियों का दमन बंद करने तथा आशा-रसोइया आदि का वेतन 26 हजार रुपए प्रति माह करने, सभी फसलों को एमएसपी की गारंटी, कृषि बाजार नीति वापस लेने, उत्तर प्रदेश में जंगलराज सहित नदियों नालों की सफाई, मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार आदि मुद्दों को उठाते हुए हंगामी प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को डीएम व अधीक्षण अभियंता विधुत के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किए गये।
किसान सभा के आवाहन पर इटावा मैनपुरी जिला मुख्यालयों पर आयोजित धरना प्रदर्शन में 24 जून को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशव्यापी आंदोलन तथा 9 जुलाई को देशव्यापी हडताल में शामिल होने का एलान किया गया।
इटावा में मुख्यवक्ता किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने दक्षिणांचल और पूर्वांचल विधुत निगमो को पूंजीपतियो के हाथों सौपने का कडा विरोध करते इसे किसान-मजदूर, आमजन विरोधी और कारपोरेटपरस्त कदम बताते हुए कहा कि इससे बिजली मंहगी हो जायेगी। ग्रामीण क्षेत्र मे लालटेन युग लौटेगा। खुद बिजली कर्मचारी-अधिकारी इसके खिलाफ लड रहे हैं। उनका दमन हुआ तो किसान मूक दर्शक नहीं रहेगे। किसान बिजली कर्मचारियों के साथ है…!!
मुकुट सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानो के साथ वादा खिलाफी की है। एमएसपी की गारंटी कानून के वादे से मुकर गई है। एतिहासिक किसान आंदोलन के सामने झुककर जिन 3 काले कृषि कानूनो को वापस लिया गया था। अब चोर दरवाजे से उन्हे कृषि बाजार नीति के रूप में लाया जा रहा है। अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड समझौता वार्ता चालू है, इससे भारत की कृषि और किसान बर्बाद हो जायेगे…!!
मैनपुरी से धर्मेंद्र वीर सिंह एडवोकेट रामपाल सिंह यादव एडवोकेट राकेश एडवोकेट मुकुट सिंह यादव आदि ने धरना को संशोधित करते हुए सरकार पर भूमि अधिग्रहण कानून का उल्लंघन कर किसानों से औने-पौने में भूमि हडपने का आरोप लगाया। उ0प्र0 मे जंगल राज है, यह संप्रीम कोर्ट ने कहा है। महिलाये, दलित, अल्पसंख्यक व कमजोरवर्ग सुरक्षित नही है। सरकारी विभागो में भ्रष्टाचार और पक्षपात व्याप्त है। असली मुददो से ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम राग छेडा हुआ है…!!
माकपा जिलामंत्री एन आर यादव ने समर्थन करते हुए कहा कि लगातार जनता की मांग और जरूरत के बाबजूद ताखा में तैयार खडे अस्पताल और आईटीआई चालू नही किये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि किसानो के आंदोलन से आनैया और पुरहा नदियों की सफाई कार्य शुरू हुआ है, किंतु जनता का निगरानी करनी होगी।
सीटू नेता अमर सिंह शाक्य, आशा कर्मचारी यूनियन की प्रदेश महामंत्री संगीता कश्यप ने आशा-रसोइया सहित सभी स्कीम वर्कर्स को 26 हजार रुपए माह वेतन एवं कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठायी..!!
सभा की अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष रामबृजेश यादव एवं आशा यूनियन की संगीता कश्यप के अध्यक्ष मण्डल ने की तथा संचालन किसान सभा के संतोष राजपूत ने किया। प्रेमशंकर यादव, विश्राम सिंह यादव, डा0 शौकीन सिंह, किसान सभा के उपाध्यक्ष रामवरन यादव, वैध विश्राम सिंह, शिवराम सिह, नरेन्द्र यादव, डीवाईएफआई के नरेन्द्र शाक्य, मोनू यादव, कमलेश, असित आदि ने सम्बोधित किया। टीकाटीक दोपहरी 44 डिग्री में 10 से 2ः30 बजे तक प्रदर्शन और आम सभा की गयी। डा0 अम्बेडकर चैराहे से झण्डा बैनरो और गगनभेदी नारो के साथ सैकडो की तादाद में स्त्री-पुरूष अधीक्षण अभियंता विधुत कार्यालय फिर कचहरी तक प्रदर्शन कर आम सभा की गयी…!!
