______ टमाटर की कीमतें हुई लाल, बारिश शुरू होते ही 80 रुपये किलो के पार पहुंच टमाटर
_____ टमाटर उपजाने वाले राज्यों में भारी बारिश के चलते आपूर्ति हो रही बाधित खुदरा कीमतें तेजी
_______ तोरई लौकी प्याज आलू गोभी धनिया मूली कटहल जैसी सब्जियां भी हुई महंगी
_______ दालों के भाव में भी आया उछाल आटा के भी बढ़ गए दाम आम आदमी हो रहा परेशान
______ मानसून के साथ देश भर में हो रही भारी बारिश ने जहां एक ओर लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर लोगों की जेब पर बोझ बढ़ना शुरू हो गया है। रसोई में आलू-प्याज के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले टमाटर के भाव बीते कुछ दिनों में आसमान पर पहुंच गए हैं.टमाटर आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है। अगर यही हाल रहा तो कभी भी सौ के पार पहुंच सकता हैं। आलू गोभी धनिया मूली कटहल लौकी तोरई पालक जैसी सब्जियां पचास के ऊपर पहुंच गई है।
बताते चलें ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर की खुदरा कीमतें बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी हैं और अभी 80 रुपये किलो तक पहुंच गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के चलते टमाटर की आपूर्ति में रुकावट आई है, जिससे कुछ खुदरा बाजारों में टमाटर 80 रुपये किलो के भाव से बिकने लगा है.!
हालांकि सरकारी आंकड़ों में टमाटर के भाव इस कदर नहीं बढ़े हैं. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, टमाटर की दैनिक औसत खुदरा कीमतें 3 जुलाई को 55 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक महीने पहले 35 रुपये किलो थीं.!
सब्जियों में आलू गोभी प्याज लौकी तोरई के अलावा टमाटर की कीमतों में अचानक आ रही तेजी के लिए भारी बारिश को जिम्मेदार बताया जा रहा है. मानसून के छाने के बाद देश भर में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है. उसके चलते हिमाचल प्रदेश में कई सड़कें टूट गई हैं. उत्तर प्रदेश में रामपथ समेत कई सड़कों का नेटवर्क खराब होने से टमाटर की जाने वाली आपूर्ति रुक गई है, जिसकी बजह से भाव बढ़ रहे है ।
भारतीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि हिमाचल प्रदेश समेत टमाटर उत्पादन करने वाले राज्यों में 7 जुलाई तक भारी बारिश होने वाली है. मौसम विभाग ने पर्वतीय राज्य में भारी बारिश के चलते भूस्खलन की आशंकाएं भी जाहिर की हैं, जिससे सड़क नेटवर्क और यातायात पर सीधा असर हो सकता है. वहीं भारी बारिश से फल सब्जियां और टमाटर की फसल को भी नुकसान हो सकता है. मतलब आने वाले दिनों में टमाटर के भाव और बढ़ने की आशंका है.!
अगर बीते वर्ष की बात करे तो टमाटर की कीमतों में बारिश के सीजन में आम तौर पर हर साल तेजी आती है. पिछले साल तो स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी टमाटर के भाव 350 रुपये किलो तक पहुंच गए थे. उसके बाद सरकार ने सहकारी एजेंसियों की मदद से कई शहरों में रियायती दर पर टमाटर बेचना शुरू किया था