सेवानिवृत्त होने पर श्री दीबान सिंह यादव को सम्मानित करते राकेश रागी
__ सत्य और निष्ठा के साथ प्रकृति से जो प्यार करते हैं।
सरलता का सारथी बन उपकार का जो भाव रखते हैं।
ऐसे मनुष्य की मनुजता को रागी करे बार बार प्रणाम!
दीन दुखियों के दुखदर्दो में सदा ही जो काम आते हैं!
____ आदरणीय बड़े भाई श्री दीबान सिंह यादव आज सरकारी सेवा से सेवा निवृत हुए है उन्होंने जिस तरह से सरकारी कार्य को सेवा समझकर ईमानदारी पूरा किया मुझे उम्मीद है सेवा निवृत होने बाद अब वह सामाजिक आर्थिक गैर बराबरी के खिलाफ समता समानता और समाज में एकता कायम करने वाले कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे! मैं कामना करता हूं कि वह सदा स्वस्थ रहे मस्त रहे और सामाजिक कार्यों में व्यस्थ रहे!
धन्यवाद