__ किसी की दया पर जिए तो क्या जिए!
पराधीन घूट अमृत पिए तो क्या पिए!
स्वतंत्र जीवन जीना दो पल का भला !
घुट घुट के दशकों जिए तो क्या जिए !संघर्ष ही जीवन है।
इंकलाब जिंदा बाद_______जिंदगी में कभी हार नहीं मानना चाहिए जिंदगी में कितनी भी मुश्किलें आ जाएं लेकिन फिर भी अगर आदमी प्रयास करें तो कामयाब होने की गुंजाइश हमेशा बनी ही रहती है जो लोग हर कर बैठ जाते हैं वह ईमानदारी से कामयाब होने के लिए प्रयास नहीं करते हैं ऐसा विद्वानों का मानना है एक बार आइए हम प्रयास करें और कामयाब होने के लिए फिर से उन मुश्किलों को मात दे जो हमें कामयाब होने में रोक रही हैं।!
