दिमाग खराब करने वाली कविता
इवोल्यूशन का ये दौर भी आयेगा
मानव की जगह रोबोट होंगे
रोबोट ही रोबोट को जन्म देंगे
रोबोट सबकुछ सम्हाल लेंगे
और बहुत कुछ समाप्त कर देंगे
जिनकी उनको आवश्यकता नहीं
सबसे पहले वो खेती को खत्म करेंगे
फिर तमाम खाद्य पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्रियों को
नालों और कूड़ा कचरा की जरुरत नहीं होगी
यातायात के सारे साधन समाप्त हो जायेंगे
पेट्रोलियम पदार्थ व्यर्थ होंगे
तमाम शिक्षण संस्थानों और
स्वास्थ्य संस्थाओं को बंद होना होगा
रोबोर्टस की धमनियों मे खून नहीं
बिजली के करंट दौड़ा करेंगे
उनका पेट नहीं होगा
वो बीमार नहीं पड़ेंगे
वों जातियों और धर्मों मे बटे नहीं होंगे
वो दंगे फसाद नहीं करेंगे
वो प्रकृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचायेंगे
नदियों को निर्बाध बहने देंगे
एक समय आयेगा
रोबोट ही रोबोट होंगे
ये बहुत आगे तक प्रोग्राम्ड होंगे
और फिर खुद ही प्रोग्रामिंग करने लगेंगे
ये धातुओं के इंसान होंगे
ये खुद उड़ सकेंगे
इनपर सर्दी गर्मी का कोई प्रभाव नहीं होगा
बचे हुये इंसानों को
जंगलों की ओर ढ़केल देंगे
जैसे होमो सेपियन निकल आया था जंगलों
और गुफाओं से बाहर मैदानों मे
अफ्रीका के सवाना मे
आस्ट्रेलिया के मध्य जंगलों मे
अमेजन और अलास्का के बीहड़ मे
हिमालय की कंदराओं मे फिर से
रोबोर्टस असंवेदनशील होंगे
पर बहुत भले होंगे
सूर्य की ऊर्जा पर पलेंगे
संभवतया यही साम्यवाद होगा
धर्तिअंश
