— हर तरफ़ अन्याय और झूठ का ही बोलबाला हो तो क्या करें?
— न्याय और सच्चाई के लिए लड़ो!
— इस लड़ाई की दिशा, रास्ता या तरीक़ा ग़लत हो जाये तो?
— तो फिर सोचो, अध्ययन करो, विचार-विमर्श करो और उसे ठीक करो।
— इस लड़ाई में यदि हम पराजित हो जायें तो?
— तो हार से सबक़ लो, तैयारी करो और फिर लड़ो।
— फिर भी यदि नाक़ाम रहे तो?
— फिर से तैयारी करो। फिर से लड़ाई छेड़ो।
— और यदि ज़िन्दगी की आखिरी साँस तक कामयाब न हो सके तो?
— अगली पीढ़ी को लड़ाई जारी रखने के लिए कहकर वीरोचित आत्मगौरव के साथ ज़िन्दगी को अलविदा कहो!
✍️ कविता कृष्णपल्लवी
