______ रेहड़ी पटरी व्यवसायियों के लिए बनायी गयी नई नीति का भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी करेगी विरोध…!!
_______ रेहड़ी पटरी व्यवसायियों को अपनी पहचान प्रदर्शित करना, दुकान के सामने नेमप्लेट लगाना किया अनिवार्य …!!
_____ इस आदेश के पीछे भाजपा सरकार का मुस्लिमविरोधी दृष्टिकोण छिपा हुआ हैजिससे समाज में बढ़ेगी नफरत. ..!!
लखनऊ / उत्तर प्रदेश . .!!
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के उ0प्र0 राज्य कमेटी ने उत्तर प्रदेश सरकार की रेहड़ी पटरी व्यवसायियों के लिए बनायी गयी नई नीति का विरेाध किया है। पार्टी का कहना है कि इससे व्यवसायियों व ग्राहकों के बीच में भेदभाव की भावना पैदा होगी जो गलत है..!!
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बयान के माध्यम से कहा था कि सभी रेहड़ी पटरी व्यवसायियों को अपनी पहचान प्रदर्शित करना, दुकान के सामने नेमप्लेट लगाना अनिवार्य है। इस आदेश के पीछे भाजपा की योगी सरकार का मुस्लिमविरोधी दृष्टिकोण छिपा हुआ है। वह रेहड़ी पटरी वाले गरीब मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा कर उनका नुकसान करना चाहती है। इसके अनुपालन से पहचान की राजनीति का विस्तार होगा और धर्म व जाति के आधार पर ग्राहक दुकानों का चयन करना शुरू करेंगे जो धर्म निरपेक्ष राज्य में असंवैधानिक है..!!
आगरा नगर निगम सहित कुछ और नगर निगमों ने इसका अनुपालन कराने के लिए कदम भी उठाया है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में रेहड़ी पटरी वालों को उजाड़कर उन्हें बेरोजगार बनाया जा रहा है। उनके रोजगार की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है। सलेमपुर तहसील जनपद देवरिया के प्रशासन ने रेहड़ी पटरी की दुकानें जो फ्लाईओवर के नीचे लगती रहीं, वहां से हटवा दिया है। इसी तरह इलाहाबाद के फाफामऊ शहर के प्रवेश पर रेहड़ी पटरी वालों को उजाड़ा गया है तथा वहां गंगा की मूर्ति लगाकर पार्क बनाया गया और वहां दुकानें लगाना निषिद्ध घोषित कर दिया गया..!!
पार्टी ने इस तरह के लघु व्यवसाय व जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी कदम को सरकार से वापस लेने की मांग की है..!!
