______ पीडीए का अर्थ पी से पिछड़ा वर्ग, पत्रकार और डी से दलित और ए से अल्पसंख्यक आदिवासी समुदाय की एकता कायम करना…!!!
_______ अखिलेश ययादव ने पीडीए के फॉर्मूले को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पेश किया था, जिसका उद्देश्य विभिन्न वर्गों को साथ लाकर भाजपा को चुनौती देना ..!!
_______ पीडीए के फॉर्मूले ने सपा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जबरदस्त जीत की थी हासिल. ..!!
______ भाजपा की पीडीए की एकता पर नजर जाति धर्म के नाम पर शुरु हो सकते हैं एकता तोड़ने के प्रयास. ..!!
राकेश रागी / नई दिल्ली. .!!
अखिलेश यादव का पीडीए फॉर्मूला समाजवादी पार्टी की एक रणनीति है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में विभिन्न वर्गों को एकजुट करना है पीडीए का अर्थ पी से पिछड़ा वर्ग, पत्रकार और गरीब पंडित जी (ब्राह्मण समाज) डी से दलित और ए से अल्पसंख्यक आदिवासी समुदाय को सचेतन संगठित कर उनकी सरकार बनाना बताया जा है..!!!
अखिलेश यादव ने इस पीडीए फॉर्मूले को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पेश किया था, जिसका उद्देश्य विभिन्न वर्गों को साथ लाकर भाजपा को चुनौती देना था। इस फॉर्मूले ने सपा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अखिलेश यादव ने कहा है कि पीडीए फॉर्मूला एक विस्तृत अवधारणा है, जिसमें कई वर्ग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने फॉर्मूले से चलेंगे और इसमें नई चीजें जोड़ सकते हैं।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के साथ जुड़ता जा रहा पीडीए का कारवां दिनों दिन मजबूत हो रहा है अखिलेश यादव 2027 का विधान सभा चुनाव आसानी से जीतने सपना देख रहे हैं उनके इस सपने की भनक सत्ता पर काबिज भाजपा को भी लग चुकी है भाजपा ने पीडीए की अखिलेश यादव के साथ हो रही लांमबधी को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है..!!
भाजपा नेताओं ने जनभावनाओं को भड़काने धार्मिक आधार हिंदू मुस्लिम का कार्ड खेलने की तैयारी शुरू कर दी हैं जिसमें मीडिया का एक वर्ग भाजपा का भोंपू की भूमिका अदा कर रहा है अब देखना यह होगा कि भाजपा मंहगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार गरीबी खराब कानून व्यवस्था से मुद्दों से आम मतदाता का ध्यान हटाने कितनी सफल होती है ..!!
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होंगे अखिलेश यादव की तैयारी जोरों पर है भारतीय जनता पार्टी अखिलेश यादव के हर कदम पर नजर रख रही है उनके पीडीए के फार्मूले को कैसे निष्प्रभावी किया जाए इसका तरीका खोजने की भी कोशिश की जा रहा है सत्ता को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी किसी भी हद तक जाने को तैयार है हालांकि उसका राष्ट्रवादी चेहरा जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है उसके बाद भी उसके पास कई एक ऐसे चुनावी हड़कंडे़ हैं जो चुनाव के रुख को कभी भी बदल सकते हैं इसलिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सजग रहने की जरूरत है..!!
वैसे इंडिया गठबंधन मजबूत माना जा रहा है जिसकी प्रमुख भागीदार कांग्रेस ने भी अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले का समर्थन किया है, और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी ने कई अवसरों पर इसका उल्लेख किया है। अब देखना यह है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में यह फॉर्मूला कितना प्रभावी साबित होता हैं अभी उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव होने में काफी समय बाकी है अगर फिलहाल चुनाव हो जाते हैं तो अखिलेश यादव का पलड़ा भारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है ..!!
