इस समय देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है जाते हो धर्म की राजनीति में उलझने का कुचक्र रचा जा रहा है किसान मजदूर अपने हकों की लड़ाई लड़ने के लिए संगठित ना हो सके इस फासीवादी चल को समझने के लिए डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान को पढ़ने की आवश्यकता है आंखों से पट्टी खुल सकेगी
