■ सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं खरीदी जा रही किसानों की मक्का. ..!!
_____ सयम पर नहीं किया गया सत्यापन किसानों को नहीं मिल रहा एमएसपी का लाभ ….!!
_____ 2225 रुपये कुंतल एमएसपी वाली मक्का के बाजार 1700सौ रुपये कुंतल के किसानों को मिल रहे दाम …!!
इटावा / उत्तर प्रदेश ..!!
अखिल भारतीय .किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्तमंत्री एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह ने एक वयान जारी कर कहा कि जिले में मंहगी लागत और कडी मेहनत से पैदा की गई मक्का की सरकारी एमएसपी 2225 रुपये कुंतल पर खरीद न होने के कारण बाजार में मात्र 1700 रुपये कुंतल में किसानों को बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिले में पैदा की गई 108853.80 मेट्रिक टन में सिर्फ 13 किसानों से 500 कुंतल की खरीदी की सूचना मिली है, इससे जिले के किसानो को 50 करोड रुपये से ज्यादा का घाटा उठाना पड रहा है, वहीं पर एमएसपी पर खरीद की डबल इंजन सरकार की घोषणाओं की पोल भी खुल रही है।
किसान नेता मुकुट सिंह ने कहा कि सत्यापन समय से न किया जाना भी खरीद में रोड़ा है,जिले की मक्का बाहुल्य तहसीलों सैफई, ताखा, भरथना, में 29 जुलाई तक सत्यापन और खरीद शून्य रही, जसवंत नगर में नाम मात्र के लिए करीब 4 किसानों से खरीद की गई है यहां भी सत्यापन 4 को छोड़कर 29 जुलाई तक लंबित रहा है। सदर में सत्यापन में जरूर गम्भीरता दिखाई गई.सरकारी खरीद 15 जून से 31 जुलाई तक होनी थी मक्का ही नहीं धान, बाजरा आदि में भी सत्यापन में घोर लापरवाही दिखाई जाती है, लगता है य़ह भी सरकार के इशारे पर होता है…!!
उन्होंने बताया कि सरकारी क्रय केन्द्र पर फ़सल बेचने से राशन बंदी की आशंका, रजिस्ट्रेशन और भुगतान में झमेलों आदि के कारण यूं भी किसान सरकारी केन्द्रों से दूरी बनाते है। संबंधित विभागों द्वारा किसानों को मोटीवेट करने के लिए सार्थक पहल नही की जाती हैl इसी से जाहिर होता है कि सरकार की किसानों से फसलों को एमएसपी पर खरीद में कोई दिलचस्पी नही है..!!
श्री मुकुट सिह ने जिलाधिकारी इटावा को उक्त के सम्बंध में पत्र लिखकर सत्यापन और खरीद की जांच कर कार्यवाही तथा सत्यापन में विक्री हेतु दर्शायी गई मक्का की एमएसपी औार बाजार भाव के अंतर को,मुआवजे के रूप में दिलाये जाने की मांग की है..!!
