___ हमारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत जो आपसी भाईचारे पर आधारित है उसे किया जा रहा खत्म…!!
प्यार मोहब्बत के स्थान पर नफरत फैलाई जा रही है समाज को जाति और धर्म के नाम पर जा रहा है बांटा…!!
___ आपस में एकता कायम कर संविधान और लोकतंत्र को बचाने का लेना होगा संकल्प. ..!!
मैनपुरी / उत्तर प्रदेश. .!!
हमारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत जो आपसी भाईचारे पर आधारित है उसे खत्म किया जा रहा है उसके स्थान पर नफरत फैलाई जा रही है समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है जिससे शोषित पीड़ित आवाम के अधिकारों पर सीधी चोट पहुंच रही है इसलिए समाज के आखिरी पायदान पर खड़े लोगों को एकजुट होकर राष्ट्र की एकता आपसी भाईचारे का नारा बुलंद करना होगा…!!
यह विचार भारत 24 समाचार चैनल के व्यूरो चीफ साकिब अनवर चिस्ती ने राष्ट्रीय जन चेतना अभियान समिति के पुस्तक वितरण अभियान में सम्मानित किए जाने के बाद व्यक्त किए…!!
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत बहुत संस्कृतियों का देश है जहां विभिन्न भाषाएं पहनावे रंग रूप चाल ढाल खान-पान अलग होने के बाद भी सभी भारतवासी एक होकर रहते हैं दुर्भाग्य है देश का कुछ लोग इस एकता को तोड़ना चाहते हैं ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है उन्हें पहचानने की जरूरत है उनके षडयंत्रों को बेनकाब करने की जरूरत है और आपसी एकता को मजबूत करने की जरूरत है ताकि हम सुरक्षित रहकर देश को मजबूत कर सकें..!!
जनाब साकिब अनवर चिश्ती ने कहा कि हमारे देश में आपसी भाईचारा कितना मजबूत था और आज भी है जहां लोगों को जाति धर्म भाषा या रंग रूप के नाम पर नहीं केवल देश की एकता के नाम पर पहचाना जाता है परंतु आज कुछ लोग कपड़ों से लोगों को पहचानते हैं यह वह लोग हैं जिनका आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा है यह देश को एक बार फिर गुलामी की ओर धकेलना चाहते है मनुस्मृति थोपना चाहते हैं इसलिए लोकतंत्र और संविधान को बचाने की जिम्मेदारी देश के प्रत्येक नागरिक को निभानी पड़ेगी…!!
उन्होंने कहा कि महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं देश को कमजोर करने का काम कर रही हैं देश का पढ़ा लिखा नौजवान रोजगार के लिए भटक रहा है रोजगार के अवसर खत्म किया जा रहे हैं इसलिए बहुत जरूरी है की नौजवान जाति धर्म भाषा आदि संकुचित विचारधारा से ऊपर उठकर अपने अधिकारों के प्रति सजग हो आपस में एकता कायम करें देश की एकता के लिए लड़ने को तैयार रहें अब रोजगार मांगने से नहीं लड़ने से मिलेगा इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद करना होगा तभी परिवर्तन होगा परिवर्तन के बाद ही एक ऐसे समाज की संरचना होगी जिसमें मानव के द्वारा मानव का शोषण नहीं किया जाएगा..!!
