___ सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को कल तीन महीने पूरे हो गए अभी तक वे जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में बंद हैं….!!
_____ सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई 6 जनवरी, 2026 तक के लिए कर दी स्थगित…!!
नई दिल्ली. ..!!
सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने के खिलाफ उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई 6 जनवरी, 2026 तक के लिए स्थगित कर दी। पहले ये सुनवाई 8 दिसंबर को होना थी बाद में इसे एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ाया गया। 16 दिसंबर को खबर आई कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्त की कमी के कारण इसे ओर आगे बढ़ा दिया है अब 8 जनवरी की तारीख लगी है…!!
दरअसल मोदी सरकार ने वांगचुक पर लद्दाख में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। रासुका केंद्र और राज्यों को ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिन पर देश की सुरक्षा के लिए हानिकारक कार्य करने की आशंका होती है। इस कानून के तहत अधिकतम हिरासत अवधि 12 महीने है। हालांकि इसे पहले भी रद्द किया जा सकता है..!!
वैसे सोनम वांगचुक जब मोदी की तारीफ करते थे तो बीजेपी के नेता, कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करते नहीं थकते थे। बीजेपी वाले उन्हें देशभक्त पर्यावरण कार्यकर्ता और देशभक्त वैज्ञानिक कहते थे। कुछ महीने पहले तक तो पार्टी ही सोशल मीडिया पर उन पर रील बना रही थी।लेकिन सितंबर 2025 में सबकुछ बदल गया। सोनम वांगचुक को अब गद्दार और विदेशी एजेंट समेत न जाने क्या-क्या कहा जा रहा है *यह वही बीजेपी वाले हैं जो उन्हें अब गद्दार लिख रहे हैं..!!
वांगचुक इस उम्मीद में 2019 में पूर्ववर्ती जम्मू एवं कश्मीर राज्य को केंद्र – शासित प्रदेशों (यूटी) में विभाजित करने के केंद्र के फैसले के समर्थक रहे हैं कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा और इसके बाद छठी अनुसूची में शामिल करके इसकी देशी संस्कृति एवं विरासत की रक्षा की जाएगी। और भाजपा ने कम से कम छठी अनुसूची के सवाल पर सार्वजनिक रूप से प्रतिबद्धता जताई थी…!!लोकल बीजेपी नेता कहते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश को छठी अनुसूची में शामिल करने का वादा पार्टी ने स्वयं कई घोषणापत्रों में किया था, साथ ही मोदी सरकार के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की भी यह सिफारिश थी…!!
जब सितम्बर 2025 में सोनम वांगचुक ने मोदी सरकार को अपना ही वादा याद दिलाया तो वो उनके सबसे बड़े दुश्मन हो गए हैं…!!
__ कमाल की बात हैं ना…!!
