______संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश ने किया आवाहन..!!
■बिजली का निजीकरण बन्द करो!
■स्मार्ट / प्रीपेड मीटर लगाने की योजना वापस लो!
■हड़ताली बिजली अभियंताओं, कर्मचारियों का दमन बन्द हो, सेवा नियमावली में हड़ताल करने वाले कर्मचारी को सेवा मुक्त करने का संशोधन वापस लो, य़ह संशोधन संविधान और जनतंत्र विरोधी एवं गैर कानूनी है.
□संयुक्त किसान मोर्चा, उ० प्र० के राज्य काउन्सिल की ऑन लाइन मीटिंग 25 / 05/2025 को शाम 7 बजे सम्पन्न हुई। ■मीटिंग में तय किया गया कि संयुक्त किसान मोर्चा बिजली कर्मचारियों और बिजली अभियंताओं के बिजली के निजीकरण के आन्दोलन का समर्थन करता है।!
■29 मई से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार का पूरा समर्थन करता है!
■संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्य सरकार द्वारा आन्दोलनकारी कर्मचारियों के डराने घमकाने व दमनकारी कदमों की कडी आलोचना की है।
■हडताल करने वाले कर्मचारियों की नौकरी समाप्त करने के सेवा नियमावली में किए संशोधन की निंदा करता है और सरकार से इसे तुरन्त वापस लेने की मांग करता है।
■संयुक्त किसान मोर्चा, उ०प्र० बिजली कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति के साथ तालमेल बनायेगा। कर्मचारियों के साथ सहमति बनने पर कर्मचारियों के आन्दोलन में शामिल होकर सक्रिय समर्थन देगा। और स्वतन्त्ररूप से भी आंदोलन कर समर्थन करेगा.
■संयुक्त किसान मोर्चा शुरु से ही बिजली के निजीकरण की नीति के खिलाफ है।
■संयुक्त किसान मोर्चा उ०प्र० में बिजली निजीकरण- स्मार्ट/प्रीपेड मीटर योजना के खिलाफ 20-25 जून के बीच जिलों / मंडलों में घरना प्रदर्शन करेगा। ग्रामीण क्षेत्र में किसान पंचायतों का आयोजन भी करेगा.
■4 जून 2025 को जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन राज्य सरकार के नाम भेजे जायेंगे.
जारीकर्त्ता__ संयुक्त किसान मोर्चा, (उत्तर प्रदेश)
