______ जमीन की जबरन अधिग्रहण के खिलाफ फ्रीडम पार्क में हजारों किसान और मजदूर हुए इकट्ठा …!!
____ संयुक्त किसान मोर्चा के आगे झुकी सरकार किसान नेताओं से बातचीत को तैयार. ..!!
देवनहल्ली / कर्नाटन..!!
कर्नाटक के चन्नारायपटना, देवनहल्ली क्षेत्र के 13 गांवों में फैली 1777 एकड़ कृषि भूमि के जबरन अधिग्रहण के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन जारी है। यह संघर्ष 2022 से अब तक यानी ठीक 1186 दिनों से लगातार चल रहा है। यह ज़मीन बचाने की लड़ाई अब एक ऐसा मॉडल बन चुकी है जिसे देशभर में दोहराया जा सकता है..!!
यह संघर्ष अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) से संबद्ध कर्नाटक प्रांतीय रायता संघ द्वारा शुरू किया गया था, जो अब एक व्यापक और संयुक्त जनआंदोलन में बदल चुका है..!!
विडंबना यह है कि वही सिद्धारमैया, जो विपक्ष के नेता के तौर पर इस आंदोलन को संबोधित कर चुके थे और अधिग्रहण की अधिसूचना को वापस लेने का वादा किया था—अब मुख्यमंत्री बनकर आंदोलनकारियों पर पुलिसिया दमन कर रहे हैं। हाल ही में कई प्रदर्शनकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूरे राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन भड़के…!!
3 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेताओं ने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई और 4 जुलाई को भी उनके साथ धरने पर डटे रहे। सरकार पर बढ़ते दबाव के चलते अब बातचीत के लिए मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर रहे हैं..!!
SKM नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों की जायज मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह आंदोलन और भी तेज़ किया जाएगा..!!
