_____ नियमितीकरण के लिए शिक्षामित्रों ने फिर भरी हुंकार, कहा-आश्वासन के बावजूद ध्यान नहीं दे रही सरकार
____ समान कार्य का समान वेतन दे सरकार अब आर पार की होगी लड़ाई
____ 7 हजार शिक्षा मित्र कर चुके पात्रता परीक्षा पास नहीं हो रही नियुक्ति
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के आह्वान पर विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षामित्र बुधवार को लखनऊ के ईको गार्डन धरना स्थल पर पहुंचे. शिक्षामित्रों का कहना है कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद वार्ता के अनुसार किसी मुद्दे को समाधान नहीं निकाला जा रहा है. इससे शिक्षामित्रों में आक्रोश है और उनकी दशा बेहद बदतर होती जा रही है जब तक शिक्षा मित्रों की मागों को नही माना जाता तब तक आन्दोलन जारी रहेगा !
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की ओर से बुधवार को लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र स्थित इको गार्डन धरना स्थल पर धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया. धरना प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश से लगभग 15 हजार से अधिक शिक्षामित्र शामिल हुए. यहां पहुंचे शिक्षामित्रों वेतनमान बढ़ाए जाने पात्रता परीक्षा पास कर चुके शिक्षामित्रों को नियमित किए जाने तथा समान वेतन समान कार्य के आधार पर भुगतान किए जाने की मांग कर हैं. शिक्षामित्रों ने सरकार द्वारा सार्थक वार्ता न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी !
शिक्षामित्रों के साथ न्याय करे सरकार.उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला का कहना है कि शिक्षामित्र लगभग 25 वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. शिक्षा विभाग ने उनको जो भी दायित्व सौंपा उसे पूरी तन्मयता के साथ निभा रहे हैं. इसके बावजूद प्रदेश सरकार उनके साथ किए गए वादों को अभी तक पूरा नहीं कर पाई है. उन्होंने कहा कि अव्वल तो शिक्षामित्रों को नियमितीकरण का लाभ दिया जाए. नियमितीकरण का लाभ न दिए जाने तक समान कार्य सामान वेतन के आधार पर वेतन दिया जाए. आज का यह धरना वार्ता के लिए आयोजित किया गया है. हमारी वार्ता मुख्यमंत्री जी से हो रही है. यदि हमारी मांगें मानी गईं तो ठीक, अगर मांगें पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ेंगे. शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि सरकार से हमारी कई बार वार्ता हो चुकी है. आश्वासन के अनुसार हम लगातार उनके दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं. इसके बावजूद आज तक कोई साकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है. शिवकुमार शुक्ला का कहना है कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, देहरादून, दिल्ली में संविदा कर्मचारियों को नियमित किया है. इसके अलावा नियमित ने किए जाने की दशा में उनको नियमितीकरण के बराबर वेतन दिया जा रहा है. अगर शिक्षामित्रों को नियमितीकरण के समान कार्य समान वेतन दिया जाए तो हमारे परिवार का भविष्य बच जाएगा.
प्रदर्शन भाग लेने वाले शिक्षा मित्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ शिक्षामित्र लगातार खड़े हैं. इसके बावजूद प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है. 10 वर्षों से शिक्षामित्र के वेतनमान में वृद्धि नहीं की गई है. साथ ही 7000 से अधिक शिक्षा मित्र जो की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं उनका नियमितीकरण भी अटका है. समान वेतन समान कार्य के आधार पर शिक्षामित्रों का वेतन न बढ़ाने से वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे है !
