______ साहित्यकार डा.पदम सिंह पदम ने दुनिया के कई देशों में फहराई हिन्दी की पताका
———————————
डॉक्टर पदम सिंह पदम ने लिखा कि _____
“हमारे देश हिन्दुस्तान की पहचान है हिंन्दी ,
एकता, बन्धुता,समता गुणों की ख़ान है हिन्दी ।
विश्व की बहुत भाषाएं हुईं, समृद्ध इससे ही ,
हमारे आचरण और सभ्यता की जान है हिन्दी ।। ”
भारत से न्यूयॉर्क (अमेरिका) तक हिन्दी की ध्वजा को फहराने वाले करहल क्षेत्र के गांव सिंह पुर निवासी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य, वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ 0 पदम सिंह ‘पद् म’ ने हिन्दी भाषा के उन्नयन हेतु अनेक पुस्तकों की रचना की है। इनके पांचाली (खण्ड काव्य), संकल्प (खण्ड काव्य),युग बोध (घनाक्षरी संग्रह)को उ0प्र0 सरकार ने क्रय किया है।
भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रणब मुखर्जी ने आदर्श शिक्षक का राष्ट्रीय पुरस्कार 2013 प्रदान किया है।
भारत देश की अनेक महान विभूतियों जैसे महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ श्री श्रीनिवासन नरसिंहम, महामहिम राज्यपाल हिमाचल प्रदेश श्री शिवप्रसाद शुक्ल जी, महामहिम पं0केसरी नाथ त्रिपाठी, महामहिम श्री टी 0एन चतुर्वेदी एवं अनेक श्रेष्ठ संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित किया गये हैं ।कई उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति द्वारा आशीष प्राप्त किया है
आकाशवाणी लखनऊ, आकाशवाणी आगरा, दूरदर्शन लखनऊ से तो आपका काव्य पाठ, वार्ता एवं साक्षात्कार तीन दशकों से ज्यादा समय से लगातार प्रसारित होता आ रहा है।आप कई वर्षों तक आकाशवाणी लखनऊ से जिले की चिट्ठी के लेखक भी रहे हैं।
आपकी अन्य कृतियां ‘चलें उजाले की ओर'( गीत संग्रह ), हिंदी कवयित्रियों का इतिहास ( साहित्येतिहास ), ‘पद् म’ पराग (घनाक्षरी संग्रह), ‘पद् म’ पीयूष (घनाक्षरी संग्रह)आदि जन-मानस में खूब ही सराहनीय हैं ।
प्रकृति से सम्बंधित कई पत्रिकाओं जैसे प्रकृति और संस्कृति, पर्यावरण और योग सहित कई पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया है। आपने कई पुस्तकों जैसे ‘बुद्ध चरित्र ‘रचना श्री भागीरथ प्रसाद एवं ‘अंगुलि माल का आत्म समर्पण ‘रचना श्री विनीत विक्रम बौद्ध की समीक्षा भी लिखी है। वर्तमान समय में ‘ युग बोध वाटिका ‘को स्थापित करके उसके संबर्धन में संलग्न हैं जिसमें देश – विदेश के पर्यटक आते रहते हैं। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के पूर्व न्यायाधीश श्री रवीन्द्र सिंह एवं पूर्व शिक्षा निदेशक श्री वासुदेव यादव सहित सैकड़ों लोग आते हैं इसी के साथ साहित्यिक संस्था ” साहित्य पथ ” (पंजीकृत) के संस्थापक अध्यक्ष हैं।
