_____’अगर कोई दोषी भी है तो भी घर नहीं गिराया जा सकता बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
___दोष सिद्ध होने के बाद भी किसी का घर नहीं गिरा सकती है कोई भी सरकार
____मामले की अगली सुनवाई में सरकार को जबाब देने के सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
__ सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आरोपी होने के आधार पर किसी के घर को गिराना उचित नहीं है. अदालत ने शासन और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोषी भी है, तो भी उसके घर को गिराया नहीं जा सकता!
सुप्रीम कोर्ट में बुलडोजर मामलों की सुनवाई आज शुरू हो गई. जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश कीं. मेहता ने कहा कि जो कार्रवाई की गई है, वह म्युनिसिपल कानून के अनुसार ही की गई है. उन्होंने बताया कि अवैध कब्जे के मामलों में म्युनिसिपल संस्थाओं द्वारा नोटिस देने के बाद ही कार्रवाई की गई है. जस्टिस विश्वनाथन ने सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है. अदालत ने नोटिस, कार्रवाई और अन्य आरोपों पर सरकार को उत्तर देने के निर्देश दिए हैं. !
बता दे देश के तमाम राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई से सैकड़ो लोगों के घर गिरा दिए गए जिनका दोष सिद्ध नहीं हुआ था केवल आरोपी थे उनके भी घर गिरा दिए गए राजनैतिक हलकों में बबुलडोजर की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे थे अंततः सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर की कार्रवाई को अवैध और अनैतिक बताकर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है की दोष सिद्ध होने के बाद भी किसी अपराधी का भी घर नहीं गिराया जा सकता है सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने बुलडोजर की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं जो बुलडोजर की कार्रवाई को सही ठहरा रही थी!
