??? सभी बुद्धिजीवी मित्रों को धनतेरस और दिपावली की शुभकामनाएं!!
आज़ धनतेरस है! कल दीवाली फिर आएगी भइया दौज
_______ मध्यमवर्गीय परिवारों को लूट से बचाने की एक छोटी सी कोशिश!??
आज के समय व्यापारी व मिडिया के लोग नौकरीपेशा लोगों, किसानों व मजदूरों को ऐसे गुमराह कर रहे हैं कि धनतेरस के शुभ मुहूर्त में वर्तन, कपड़े, गहने आदि खरीदने का शुभ मुहूर्त होता है ताकि व्यापारियों को अधिक से अधिक लाभ हो। यही हाल दीवाली और भाई दौर वाले दिन होती हैं। लोग आंख बंद करके बाजार से सस्ती चीजों मंहगे दामों में खरीदने को मजबूर होते हैं क्योंकि त्यौहार के साथ लोगों की धार्मिक भावनाऐं भी जुड़ी होती हैं।
आज बाजार सज धज कर दुल्हे दुल्हन कि तरह तैयार है।नकली व अनुपयोगी चीजें बेचने का सबसे अच्छा दिन है धनतेरस!
कोई टीवी वाला भी यह नहीं कहता है की किसान के खेत में उपजे नये मुंग, मोंठ,बाजरी व तिल, गन्ना, तथा मौसमी फल सब्जियां आ गई है।और धनतेरस के दिन किसी किसान के घर जाकर अनाज खरीदना बहुत हीं शुभ होता है।
बस!इनका काम है धर्म के नाम पर लोगों में धर्म और रिति रिवाज की आड़ में जनता को लूटना और व्यापारियों को लाभ पहुंचाना। बाजार में घटिया व नकली समान की दुकानें सज गई हैं जैसे अन्दर से फटे जूते पर पालिश मार कर रखा हो।
धनतेरस को बाजार में इतनी भीड़ रहती है,कि न तो ग्राहक के पास भाव-ताव करने का समय रहता है और न हीं व्यापारी का वस्तुएं को दिखाने का।समान जैसा भी है आप को खरीदना हीं है।
असल में तो धनतेरस के दिन आप अपने पास के किसी भी गांव में किसी किसान के घर जाएं। वहां अन्नदाता को तिलक लगाकर व अनाज की पूजा करके नये मुंग, मोंठ, बाजरी चावल,तिल और मौसमी फल सब्जियां इत्यादि सीधे उनसे खरीदें।यह बहुत हीं शुभ होगा।
ऐसा करने से आपके घर में ताज़ा अनाज आयेगा हीं और अन्नदाता के दर्शन भी हो जाएंगे।या किसी गरीब परिवारों के बच्चों को कुछ नये उपहार देकर इन गरीब बच्चों को अपने बच्चों संग सम्मिलित कर इस धनतेरस और दीपावली कि खुशियां मनाएं। इससे अधिक शुभ कार्य और क्या हो सकता है
और उस किसान परिवार तथा गरीब बच्चों की खुशी देखकर आपके दिल को जो सुकून मिलेगा वो हमेशा याद रहेगा।
एक बार इस धनतेरस दीपावली के दिन आजमाकर आवश्य देखें।
आप सभी मित्रों को धनतेरस एवं दीपावली कि ढेर शुभकामनाएं!!????
