_______ महाकुंभ बना श्रद्धालुओ के लिए काल,योगी सरकार बजाती रही गाल !
प्रयागराज !!
करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले महाकुंभ में इस बार अव्यवस्थाओं की ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने सरकार की तैयारियों की पोल खोल दी। भारी भीड़, अव्यवस्थित यातायात, प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा प्रबंधों की कमी के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालुओं की जान चली गई।
अचूक संघर्ष के संपादक अमित मौर्य ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, योगी सरकार ने आयोजन पर दिल खोलकर खर्च किया था। मगर प्रशासन की अदूरदर्शिता से भीड़ नियंत्रण में असफल रही लिहाजा परिणाम श्रद्धालुओं की मौत के रूप में सामने आई।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने महाकुंभ से पहले भव्य तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में अधिकारियों की लापरवाही और तानाशाही से आयोजन को त्रासदी में बदल दिया।
उन्होंने कहा कि जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को पहले से ही विस्तृत योजना बनानी चाहिए थी। लेकिन सरकारी कारिंदों की लापरवाही वीआईपी कल्चर और दिखावे की राजनीति में श्रद्धालुओं के लिए काल बन गई। इस घटना पर विपक्ष सरकार को माफ करने के मूड में नही है। सभी दल योगी सरकार से श्रद्धालुओं की मौतों और दुर्व्यवस्था पर जवाब तलब कर रहे हैं। मगर योगी सरकार के अफसरान अपने बचाव में गाल बजा रहे हैं। सवाल यह है कि योगी सरकार इस घटना से सबक लेती है लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही करती है। या जिम्मेदारों की लापरवाही को ठंडे बस्ते में डाल देती है। आगे तहकीकात जारी रहेगी।
