_______ व्हाट्सएप से मिला है। जिसने भी लिखा है, अद्भुत लिखा है। पढ़ा जाए?
….. कवि अज्ञात. ..!!
भए प्रगट भौकाला मोदी लाला,
पूँजीपति हितकारी ।
भक्तन मनहारी, ढोंग बिहारी,
अद्भुत रूप बिचारी ॥
ब्रह्मांड विदूषक, जन मन चूषक,
दिन भर बहु परिधानी ।
उद्भट अभिनेता, कैमरा चेता,
टेली प्रॉम्पटर ज्ञानी ॥
भक्तन कर जोरी, अस्तुति तोरी,
केहि बिधि करूं अनंता ।
माया में रहंता,नित्य घुमंता
अरू भौकाल भनंता ॥
डंकापति सागर, डींग के आगर,
जेहि गावहिं सब भक्ता ।
नीरव हित लागी, माल्या अनुरागी,
चोकसी मित्र श्रीकंता ॥
मिथ्यांड निकाया, निर्मित माया,
रोम रोम से झूठ बहै।
सब झूठे नारे , बिना बिचारे,
सुनत धीर मति थिर न रहै ॥
अभिनय अतिउत्तम, बनहि नरोत्तम
मंचन पर आँस बहायो ।
धोखापति भारी , बिना अधारी
यूक्रेन युद्ध रूकायो॥
अडवानी को ले , मुरली बोलै,
तजहु तात यह रूपा ।
करिए जनसेवा तजिके मेवा,
यह सुख परम अनूपा ॥
सुनि बचन सुजाना, जब गुस्साना,
ईडी से कियो चूपा ।
जो सत्य बतावहिं , राह दिखावहि,
ते परिहैं भवकूपा ॥
दोहा:
श्री अंबानी अडानी हित, लीन्ह मनुज अवतार ।
भारत के वर्तमान को करि दओ बंटाधार ॥
