_____ डबल इंजन निजाम में सर्वाधिक बुरी मार कृषि क्षेत्र पर किसान बेहाल..!!
इटावा..!!
भाजपा नीति मोदी-योगी निजाम में सबसे बुरी मार खेती-किसानी झेल रही है। कर्ज के बोझ के कारण किसानो की आत्महत्याओं, गरीबी और भूमिहीनता में वृद्वि हुयी है।
उ0प्र0 किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह ने किसान सभा के यासीनगर क्षेत्रीय कमेटी की बैठक में उक्त बातें कहते हुए कृषि संकट के मुख्य कारक, सरकारी सब्सिडियों में कटौतियों के कारण कृषि लागत में वृद्वि, कृषि सामग्री के उत्पादन के नाम पर कारपोरेटस को राहतें और छूटें जिससे खाद, बीज, कीटनाशक, कृषियंत्र, डीजल, बिजली एवं भाडा आदि के दामों में भारी वृद्वि हुयी है। किंतु उसके मुताबिक फसलों के दाम ना मिलना , स्वामीनाथन आयोग के अनुरूप फसलों के लागत का डेढ गुना दाम और खरीद की गारंटी के वादे से मोदी सरकार का मुकरना, जलवायु परिवर्तन के चलते प्राकृतिक आपदाओ से फाइलों की बर्बादी की राहत के लिए कारगर फसल बीमा प्रणाली का अभाव आदि कारक हैं.
मुकुट सिंह ने आगे कहा कि उ0प्र0 में बिजली का निजीकरण, अडानी स्मार्ट /प्रीपेड मीटर योजना, मोदी सरकार द्वारा वापस हुये घृणित तीनो कृषि कानूनो को चोर दरवाजे से “कृषि बाजार नीति“ के रूप में लाने की साजिश और अन्यायपूर्ण भूमि अधिग्रहण से कृषि का कारपोरेटीकरण से खेती देशी-विदेशी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के हवाले हो जायेगी तथा किसान सस्ते मजदूर में बदल जायेगें।
मुकुट सिंह ने तमाम विपक्षी दालों से अपील की कि वे कृषि संकट के लिये जिम्मेदार नीतियों के खिलाफ खुलकर बोले और जनता को लामबंद करें। किसान सभा और संयुक्त किसान मोर्चा कृषि संकट के खिलाफ लगातार आंदंोलित है। देशव्यापी पैमाने पर आंदोलन को और तेज किया जायेगा। व्यापक अभियान के साथ 15 मई को उ0प्र0 में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किये जायेगें।
किसान सभा के जिलामंत्री संतोष शाक्य ने कहा कि 15 मई को कचहरी पर होन बाले प्रदर्शन में स्थानीय समस्याओ को भी जोडा जायेगा। तथा जिले में 30000 सदस्यता का लक्ष्य पूरा किया जाएगा
आशा-रसोइया यूनियनो के प्रांतीय नेता अमर सिंह शाक्य ने *स्कीम वर्कर्स के लिये 26 हजार रू0 माह वेतन और कर्मचारी का दर्जा तथा अन्य मांगो को उठाते हुए कहा कि 15 मई को किसान सभा और आशाा-रसोइया कर्मचारी यूनियने आंदोलन में भाग लेंगी*।
अध्यक्षता राधेश्याम शाक्य ने की। मंडल अध्यक्ष डा0 अजब सिंह, मंत्री अरविंद शाक्य, प्रेमशंकर सविता ने भी स्थानीय समस्याओ को उठाया।
