ये बजट नहीं बड़ा ढोल है, जिसमें आवाज़ तो बहुत है पर अंदर से खाली है।
______ ये बजट खोखला बजट है।
_______इस बजट का झोला खाली है।
______जनता को लग रहा है बजट आया ही नहीं… वो पूछ रही है… ‘प्रवचन’ तो आ गया बजट कब आएगा?
___बजट देखकर… !!
किसानोें की उम्मीद का खेत सूख गया है।
____ बजट देखकर…!!
महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें और बढ़ गयी है।
____बजट देखकर…!!
बेरोज़गारों की आँखों के आगे अंधेरा छा गया है।
_____बजट देखकर…!!
व्यापारियों, कारोबारियों और दुकानदारों पर मंदी की मार और गहरा गयी है।
_____बजट देखकर…!!
भाजपा के मंत्री और विधायकों के गले सूख गये हैं क्योंकि अपने विभागों और विधानसभाओं में तो उन्हें ही महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी से जूझ रहे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
_______ बजट देखकर…!!
बुनकरों का ताना-बाना रूक गया है… हथकरघे ख़ामोश हो गये हैं।
___…बजट देखकर…!!
जनता पूछ रही है : जुमला मंत्रालय को कितना बजट दिया गया है। सरकार ने 6 लाख करोड़ जो कर्ज लिया है उसे धनराशि को किस मध्य में खर्च किया गया है आम जनता को जानने का यह हक है सरकार बताएं क्या कर्ज ली गई धनराशि पर खर्च की गई हैं..!!
