_____मेरौ जनम दुखई में बीतौ ….!!
गीत ….!!
मेरौ जनम दुखई में बीतौ
कर कर काम हड़ुय्यां घिस गईं
तोऊ खलीता रीतौ
जैसौ मिल गऔ तैसौ भख लऔ
का सूखौ का तीतौ
मेरौ जनम ••••••।
पीरे हांथ लली के करते
नईं ददा सुभीतौ
मुंह की बात कही अंखियन सें
कर लऔ जिगर सतीतौ
मेरौ जनम •••••••।
सिमिट सिकुड़ कें रातें काटीं
छिन छिन कर दिन बीतौ
सुख की आस में जीवन कट गऔ
को हारौ कौ जीतौ
मेरौ जनम दुखई में बीतौ।
________बलवीर सिंह पाल
