______पर्यावरण ही प्रथम परिवार है पर्यावरण संरक्षण हमारा प्राकृतिक धर्म है…!!
_______ एक पर्यावरण हमारे अंदर भी होता है और वो होता है, भावनाओं, संवेदनाओं और सहनशीलता का पर्यावरण, जो हमसे विविधताओं को स्वीकार करवाता है..!!
लखनऊ / उत्तर प्रदेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि
आज पर्यावरण दिवस है। ये दिन है पर्यावरण के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, वचनबद्धता और किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता से ऊपर उठकर कर्मठता के स्तर पर परिधिमय प्राकृतिक आवरण को बचाये-बनाए रखने का। एक पर्यावरण हमारे आसपास होता है और एक वो भी होता है, जो हमारे देखने-छूने व अन्य इंद्रियों की क्षमताओं से परे होता है, हमें उसे भी बचाना है, तभी ये धरा-धरती जीवनदायिनी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि एक पर्यावरण हमारे अंदर भी होता है और वो होता है, भावनाओं, संवेदनाओं और सहनशीलता का पर्यावरण, जो हमसे विविधताओं को स्वीकार करवाता है औरों के साथ जीना सिखाता है। एकरंगी को बहुरंगी बनाता है। यही आंतरिक पर्यावरण मानव होने की कसौटी होता है।यही हमें सकारात्मकता से भरता है, यही हमारी सोच और हमारे विचार का क्षितिज बड़ा करता है। इसी के आधार पर हम देश, काल, समय की सीमा से परे जाना सीखते हैं और ऐसे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं जिनका लाभ देश-दुनिया के समाज को युगों-युगों तक मिलता है। जब ये आंतरिक पर्यावरण संरक्षित होता है, तभी बाहरी पर्यावरण संरक्षित हो सकता है। इसके मूल में करुणा और प्रेम होता है।
श्री यादव ने कहा कि पर्यावरण एक साझी विरासत है। इसीलिए ये किसी एक का ही नहीं, किसी एक पीढ़ी का ही नहीं बल्कि सबका मिला-जुला दायित्व है। ये वर्तमान के लाभ-हानि की तराज़ू पर तौलने का मुद्दा नहीं है बल्कि पृथ्वी के प्राकृतिक भविष्य के लिए किया गया प्रयासों और संसाधनों का सर्वथा सार्थक निवेश है, जो आवश्यक नहीं, अपरिहार्य है। पर्यावरण ही मानवीय एकता का सबसे साक्षात और बुनियादी आधार है।
उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि आइए हम पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के लिए हाथ बढ़ाएं-मिलाएं, मेलमिलाप व मेलजोल से अंदर-बाहर के विविधताओं से युक्त सौहार्द को बढ़ाएं, सबको गले लगाएं और आनेवाली पीढ़ियों के लिए कुछ बेहतर दुनिया दे जाएं।
