____▪️बिना राजकीय सम्मान के हुआ पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का अंतिम संस्कार….!!
____ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर विरोधी होने के कारण नहीं दिया गया अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान कई लोगों ने लगाया आरोप. ..!!
नई दिल्ली. .!!
पांच राज्यों के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री रहे सत्यपाल मलिक का आज दिल्ली के लोधी रोड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार हो गया। उन्हें पात्रता होते हुए भी राजकीय सम्मान नहीं दिया गया।
जिससे किसानों मजदूरों छात्र नौजवानों में और समाज के प्रबुद्घ जनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है…!!
सत्यपाल मलिक मलिक जम्मू-कश्मीर,ओडिशा, मेघालय,गोवा और बिहार के राज्यपाल रहे। इसके अलावा वे केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। इसके बावजूद उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से नहीं हुआ। इसके पीछे का कारण किसानों का पक्ष लेना और नरेंद्र मोदी का नीतिगत विरोध करना बताया जा रहा है..!!
कश्मीर के राज्यपाल पद से हटने के बाद मलिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर विरोधी हो गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार के इशारे पर स्थानीय प्रशासन ने उनकी पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान नहीं दिया..!!
संभवतः यह पहली बार हुआ है कि किसी पूर्व राज्यपाल,पूर्व केंद्रीय मंत्री की अंत्येष्टि बिना राजकीय सम्मान के की गई है राजनीति में पक्ष और विपक्ष समर्थन और विरोध होता रहता है और नीतिगत होना भी चाहिए लेकिन प्रोटोकॉल के आधार पर अंतिम संस्कार की समय सम्मान न दिया जाना यह देश के लिए शर्माना की स्थिति है…!!
सारा देश जानता है की सत्यपाल मलिक चार-पांच राज्यों के राज्यपाल रहे हैं केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होना चाहिए उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से न किया जाना सरकार के लिए अपमान की बात है…!!
सत्यपाल मलिक के अंतिम संस्कार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ,आप नेता संजय सिंह, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी,जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला, सपा सांसद हरेंद्र मलिक आदि शामिल हुए..!!
