?न्यायपालिका आज इन संघियों भाजपाइयों की हाथ की बनी कठपुतली …!!
?___भारतीय न्यायपालिका और भाजपा-संघ का चाल-चेहरा-चरित्र फिर से हुआ बेनक़ाब…!!
✍️ स्त्री मुक्ति लीग द्वारा नारी
?️ __ नई दिल्ली. .!!
“बेटी बचाओ” और “बहुत हुआ महिलाओं पर वार-अबकी बार मोदी सरकार” का नारा लगाने वाली मोदी सरकार के शासनकाल मे महिलाओं पर अत्याचार तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा इन गुंडे और अपराधी भाजपा नेताओं से है। जिस न्यायपालिका से न्याय की उम्मीद लगाए लोग बैठे हैं वह न्यायपालिका आज इन संघियों भाजपाइयों की हाथ की कठपुतली बन चुका है…!!
बताते चलें 22 दिसम्बर को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप केस में दोषी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रक़ैद की सज़ा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। 2017 में उन्नाव की एक नाबालिग लड़की का अपहरण और बलात्कार करने के जुर्म में दिसम्बर 2019 में तीस हजारी कोर्ट ने उसे उम्रक़ैद (जीवन के अन्तिम सांस तक) की सज़ा सुनाई थी….!!!इसके अलावा पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स एक्ट में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी पिटाई/मौत की साजिश रचने के जुर्म में मार्च 2020 में कोर्ट ने इसे ‘ग़ैर-इरादतन हत्या’ मानते हुए 10 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी। लेकिन दो मामलों मे 10 साल और उम्र क़ैद की सज़ा भुगत रहे अपराधी संघी कुलदीप सिंह सेंगर को अब दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है…!!
यह भाजपा का कोई इकलौता नेता नहीं है जिसपर इस तरह के मामले दर्ज हैं इसके अलावा रविंद्र बावंथड़े (एक महिला के साथ बस में बलात्कार किया), अखिलेश सिंह (कासगंज मामला – उत्तर प्रदेश के कासगंज में गैंगरेप के आरोपियों में शामिल भाजपा नेता), मुक्तेश जैन (मध्य प्रदेश), कमल रावत (नाबालिग के साथ बलात्कार का मामला दर्ज) इसके अलावा 151 सिटिंग MPs और MLAs के पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध से जुड़े मामले हैं। इनमें सबसे अधिक BJP के 44 नेता हैं। इन आंकड़ों से समझ सकते हैं कि इन संघियों भाजपाइयों का चरित्र क्या है, एक तरफ ये ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का राग अलापते हैं तो दूसरी तरफ़ महिलाओं को नर्क का द्वार या पैरों की जूती समझते हैं। लेकिन यह समझना बेहद ज़रूरी है कि महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने वाले नेताओं मे सबसे ज्यादा भाजपाई तो हैं लेकिन कई अन्य पार्टियों के नेता इससे अछूते नहीं है….!!
आज पक्ष-विपक्ष के जो नेता संसद और विधानसभाओं मे बैठकर स्त्री उत्पीड़न रोकने के लिए क़ानून बनाते हैं, उन्ही मे से 46% सांसद अपराधी और बलात्कारी हैं। हम इनसे कोई उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि ये अपराधी कोई ऐसा क़ानून बनाएंगे जो महिलाओं की सुरक्षा कर सके। साथ में हमें यह भी समझना होगा कि भारत की न्यायपालिका भी महिलाओं को सुरक्षा देने मे नाक़ाम और बलात्कारियों को संरक्षण देने में अव्वल रही है…!!
कुलदीप सिंह सेंगर, आशाराम, प्रज्ज्वल रेवन्ना, ब्रृज भूषण शरण सिंह, बिलकिस बानो के अपराधी व बीएचयू गैंग रेप करने वाले भाजपा आईटी सेल के अपराधी आदि खुला घूम रहे है। ऊपर से NCRB रिपोर्ट दिखाती है कि लगभग 90% से अधिक मामले कोर्ट में लम्बित रहते हैं और फैसलों का इन्तज़ार करते हैं…!!
आज ज़रूरी है कि देशभर मे बढ़ रहे स्त्री उत्पीड़न के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलन्द की जाये। इसलिए स्त्री मुक्ति लीग सभी इंसाफ़पसन्द नागरिकों का आह्वान करती है कि अपराधी कुलदीप सिंह सेंगर को सज़ा और उन्नाव की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरो..!!
