———- अपने वोट की चोट की ताकत दिखाएं मतदान करने अवश्य जाएं
——– आपका वोट बदल सकता है देश का भविष्य और आपकी किस्मत
——- राष्ट्र धर्म निभाएं अपने मन की सरकार बनाएं मतदान करने अवश्य जाएं
————- जाति पाति के बंधन तोड़ो लोकतंत्र से नाता जोड़ो एक अच्छी सरकार चुनने के लिए मतदान करने अवश्य जाएं
साक्षात्कार
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संविधान द्वारा प्रदान की गई लोकतांत्रिक व्यवस्था में हमें अपने मन की सरकार चुनने का अधिकार प्राप्त हुआ है! हमारा एक मत क
ऐसी सरकार चुन सकता है । जो शोषित पीड़ित लोगों की किस्मत बदल सकती है इस लिए मतदान करने अवश्य जाएं यह लोकतंत्र का त्यौहार पांच वर्ष में एक बार आता है इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए हमें अपने वोट की चोट की ताकत दिखानी चाहिए उसे चुने जो स्वच्छ सरकार दे सके और देश को विकास के रास्ते पर ले जा सके किसानों मजदूरों छात्र नौजवानों को उनका हक दिलाने के लिए हर समय तैयार रहे जिस सरकार को हम लोक कल्याणकारी सरकार कह सकें ऐसी सरकार बनाने के लिए मतदान अवश्य करें यह विचार राष्ट्रीय गीतकार सुरेश चौहान नीरव ने डी न्यूज़ सुपरफास्ट समाचार बेवसाइट के चीफ एडिटर रागी से विशेष भेंट के दौरान व्यक्त किये!
उन्होंने अपनी एक रचना में लिखा कि________
समय आ रहा लोकतन्त्र त्यौहार मनाने का,
समय आ रहा मित्र राष्ट्र का धर्म निभाने का,
वोट चोट से फिर अपनी ताकत दिखलानी हैं!
देश का हित जो करे वही सरकार बनानी हैं!
श्री नीरव की यह रचना साफ संकेत दे रही है कि मतदान अवश्य करें सोच समझ कर करें और चुने उसे जो देश का हित करें ऐसी सरकार बनाने के लिए मतदान करने अवश्य जाएं है कवि ने मतदान करना राष्ट्र धर्म निभाने के बराबर बताया है।
श्री नीरव ने अपनी रचना ने आगे कहा कि_________
सिर्फ आपका वोट देश का भाग्य बदल सकता है।
विश्व दौड़ में आगे अपना वतन निकल सकता है।
उठो साथियो प्रगति देश की तुम्हें बुलाती है
भेद भाव सब त्याग प्रेम के गीत सुनाती है।
बिल्कुल सच कहा है आपका वोट देश का भाग्य बदल सकता है अगर आप सही निर्णय लेकर और सही सरकार चुन लेते हैं तो हमारे देश से विसंगतियां खत्म हो सकते हैं देश दुनिया में सिरमौर बन सकता है बस सोचना आपको है आपका वोट स्वयं आपकी किस्मत बदल सकता है सोचिए और सोच कर मतदान करने अवश्य जाइए !
राष्ट्रीय गीतकार सुरेश चौहान नीरव के अंत में लिखा है कि______
लोकतंत्र ध्वनि हर धड़कन में तुम्हें बजानी है
फिर चुनाव में तुमको अपनी शक्ति दिखानी है।
तोड़ के बन्धन जाति पाँति के देश धर्म अपनाओ!
विश्व विदित इस लोकतंत्र को देकर वोट सजाओ।
कवि ने अपनी रचना में जात-पात छोड़कर देश धर्म निभाने और लोकतंत्र को मतों से सजाने का संदेश दिया है लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मतदान अवश्य करने जाने का संदेश दिया है हमें अपने वोट की ताकत समझनी होगी देश और अपनी किस्मत बदलने के लिए मतदान अवश्य करना होगा और सोच समझ कर मतदान करना होगा सोच लीजिये यह लोकतंत्र का पर्व पांच वर्ष बाद आता है इस लिए अपने मत का सही और सोच समझ कर दान करें सावधान रहे सजग रहे मतदान अवश्य करें!