_______ उप-मुख्यमंत्री नंबर दो ब्रजेश पाठक ने एक बार फिर से भाजपा की चाल को दोहराते हुए धरतीपुत्र नेता जी पर असत्य और कुत्सित हमला करने का किया दुस्साहस….!!
लखनऊ /उत्तर प्रदेश
आज उत्तर प्रदेश की विधानसभा में, प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री नंबर दो ब्रजेश पाठक ने एक बार फिर से भाजपा की घिसी-पिटी, झूठ पर टिकी चाल को दोहराते हुए धरतीपुत्र नेताजी पर असत्य और कुत्सित हमला करने का दुस्साहस किया है।
जिस झूठ को भाजपा और उसकी गोदी मीडिया ने वर्षों पहले तोड़-मरोड़कर फैलाया था, उसी बासी और बेबुनियाद झूठ को उन्होंने फिर से सदन में परोसने की कोशिश की। इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा जा सकता है, मगर मिटाया नहीं जा सकता। और इतिहास गवाह है कि भाजपा और उसके नेताओं की मानसिकता हमेशा से पिछड़ों, दलितों, वंचितों और शोषितों को दबाने वाली रही है, जबकि नेताजी ने हमेशा इनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
इतिहास साक्षी है कि जब आपकी पार्टी के संस्थापक नेता राजस्थान में घूम-घूमकर सती जैसी अमानवीय कुप्रथा को उचित ठहराने के लिए प्रचार कर रहे थे, तब धरतीपुत्र नेताजी फूलन देवी जैसी पीड़िताओं के साथ खड़े थे। उन्होंने न केवल फूलन देवी को न्याय दिलाया, बल्कि समाज में उनका मान-सम्मान भी स्थापित किया और उन्हें संसद तक भेजा, ताकि वंचितों और शोषितों की आवाज़ सदन में गूंज सके।
जब स्त्री शिक्षा के विरोध में आपके पितृ संगठन की गुप्त गोष्ठियां हो रही थीं, जब लड़कियों को पढ़ाई से दूर रखने के लिए रूढ़िवादी ताकतें सक्रिय थीं, तब नेताजी ने उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए स्कूली शिक्षा को पूरी तरह से निःशुल्क कर दिया। उन्होंने बेटियों को किताबें, यूनिफॉर्म, बैग से लेकर साइकिल तक उपलब्ध करवाईं, ताकि कोई बेटी सिर्फ इसलिए पढ़ाई से वंचित न रह जाए क्योंकि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी।
जब आपकी पार्टी और उसके नेता पिछड़ों और वंचितों को उनके हक और हिस्से से वंचित रखने की साजिशें रच रहे थे, तब नेताजी ने इन्हें न केवल बराबरी का हक दिलवाया, बल्कि उन्हें राजनीति, प्रशासन और सत्ता के उच्च पदों तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने सामाजिक न्याय को सिर्फ नारे में नहीं, बल्कि नीतियों में बदला।
नेताजी का कद इतना विराट था कि भाजपा के वे नेता, जो आज उनकी विरासत पर सवाल उठाने की हिम्मत कर रहे हैं, उन्हीं नेताजी के सामने नतमस्तक होकर अभिवादन किया करते थे। वे जानते थे कि नेताजी केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ थे, जिनके बिना सामाजिक न्याय की कल्पना भी अधूरी है।
मगर आज, विधानसभा में उप-मुख्यमंत्री नंबर 2 ब्रजेश पाठक ने अपनी ओछी राजनीति और संकीर्ण मानसिकता का परिचय देते हुए नेताजी पर वही झूठा प्रोपेगेंडा दोहराने की नाकाम कोशिश की, जिसे उनकी पार्टी वर्षों से फैलाती आ रही है। यह सिर्फ नेताजी पर हमला नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के उन करोड़ों पिछड़ों, दलितों और वंचितों का अपमान है, जिन्होंने नेताजी को अपना नेता माना, उन्हें सम्मान दिया और उनके संघर्षों को अपना संघर्ष समझा।
_______ याद रखिए, उप-मुख्यमंत्री नंबर दो..!!
प्रदेश का पिछड़ा, वंचित और शोषित समाज इस अपमान को कभी नहीं भूलेगा। 2027 में, यही समाज आपको “उप” से “पूर्व” बना देगा। नेताजी पर किए गए इस झूठे, गंदे और नफरत भरे हमले का जवाब जनता अपने वोट की ताकत से देगी।
