
____ डांक्टर पदम सिंह पदम का हिन्दी के सम्मान में पढा गया मुक्तक प्रस्तुत है. ..!!
हमारे देश हिन्दुस्तान की पहचान है हिंदी….!!
एकता,बन्धुता ,समता गुणों की खान है हिंदी…!!
विश्व की बहुत भाषायें हुईं समृद्धि इससे ही …!!
हमारे आचरण और सभ्यता की जान है हिंदी…!!
__” डॉक्टर पदम सिंह पदम की साहित्यक यात्रा का एक परिचय…!!
महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित, सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य, वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ 0 पदम सिंह ‘पदम’ को इण्डियन कम्यूनिटी सेंटर वैस्ट चैस्टर न्यूयॉर्क (अमेरिका) सहित अपने देश में धौलपुर (राजस्थान) तथा अन्य कई प्रान्तों में भी हिन्दी दिवस के अवसर पर वार सम्मानित किया गया…!!
बताते चलें कि डॉ 0 पदम सिंह ‘पदम’ ने, पांचाली (खण्ड काव्य), संकल्प (खण्ड काव्य),युग बोध (घनाक्षरी संग्रह), चलें उजाले की ओर (गीत संग्रह), हिन्दी कवयित्रियों का इतिहास (साहित्येतिहास ),पदम पराग (घनाक्षरी संग्रह) एवं पद् म पीयूष (घनाक्षरी संग्रह) आदि अनेक कृतियों की रचना की है..!!
आपके द्वारा सम्पादित पत्रिकाओं में प्रभा (विद्यालय की वार्षिक पत्रिका), स्मारिका महान जन नायक बाबूराम यादव, पर्यावरण और योग , प्रकृति तथा संस्कृति तथा प्रगति आदि पत्रिकाओं का सम्पादन कार्य भी किया है…!!
डा 0 पदम सिंह ‘पदम’ द्वारा कई पुस्तकों की समीक्षा जैसे ”बुद्व चरित्र “रचना श्री भागीरथ प्रसाद, “अंगुलिमाल का आत्म समर्पण “रचना श्री विनीत विक्रम बौद्ध की प्रकाशित की गई है…!!
डा 0 पदम सिंह ‘पदम’ एक लम्बे अंतराल से अर्थात 30वर्षो से भी अधिक समय से आकाश वाणी आगरा, आकाशवाणी मथुरा,आकाशवाणी लखनऊ, एवं दूरदर्शन लखनऊ से लगातार कविता पाठ, भेंटवार्ता आदि प्रसारित करते रहें हैं। सन् 2002तकआपकी आकाशवाणी लखनऊ से जिले की चिट्ठी के लेखक भी रहे हैं..!!
डांक्टर पदम सिंह पदम साहित्यिक सेवा के लिएएक “युग बोध वाटिका ” सिंह पुर, करहल मैनपुरी स्थापना की है जिसके वह संस्थापक और साहित्यक संस्था “साहित्य पथ “के संस्थापक अध्यक्ष हैं..!!
डॉ पदम सिंह पदम हिंदी साहित्य के एक मर्मज्ञ कवि एवं साहित्यकार हैं उनकी घना अक्षरी छंदों की प्रस्तुति और लेखन लाजवाब है इसके अलावा भी वह साहित्य की सभी विधाओं में लेखन करते हैं मैनपुरी जनपद के अलावा देश-विदेश में भी उनकी साहित्यिक पहचान है..!!
