समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव को लेकर सक्रिय हो गए हैं उन्होंने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए पार्टी के पदाधिकारी से सुझाव मांगे हैं सबसे पहले महानगरों के अध्यक्ष उसके बाद विधायक विधानसभा प्रत्याशी रहे उसके बाद विधानसभा अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है जिसमें लिखित सुझाव लिए जाएंगे पार्टी का एक पैनल यह तय करेगा कि कि चुनाव पर अमल किया जाए ताकि विजय हासिल की जा सके
जिस तरीके से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी पदाधिकारी से सुझाव मांग रहे हैं उसे पता चलता है कि पार्टी चुनाव को लेकर गंभीर है हालांकि जिस तरीके से चुनाव में धन का प्रयोग होता है एक बड़ी समस्या है उन्होंने भूत स्तर तक की तैयारी का भी जायजा लेने के लिए पार्टी पदाधिकारी को कहा है जबकि उनके पास सेक्टर से लेकर जिले तक संगठन बहुत लेजर है जिसकी वजह से चुनाव में होने खासी दिक्कत हो सकती है
समाजवादी पार्टी को चुनाव जीतने के लिए कई स्तर से प्रयास करने होंगे सबसे पहले चुनाव प्रचार के लिए जिले पर विधानसभा से लेकर लोकसभा तक अपना प्रचार का मजबूत जरिया स्थापित करना होगा उसके बाद जिस तरीके से विचार राज्यों में चुनाव हुए उन चावन में यह बढ़िया बाती गई समाजवादी पार्टी को वादा करने से नहीं हिचकना होगा जन भावनाओं के अनुरूप बड़ी करने होंगे और उन पर खड़ा उतरना होगा तभी समाजवादी पार्टी लड़ाई में आ सकती है
समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी इसका कमजोर प्रचार माध्यम से है इसे मजबूत करने के लिए सबसे पहले आईटी सेल और विधानसभा लोकसभा अध्यक्ष जिला अध्यक्ष सबको अपने-अपने सोशल चैनल बनाने होंगे जिन पर प्रचार की कमान उन्हें खुद अपने हाथ में लेनी होगी तभी समाजवादी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के दुष्प्रचार का जवाब दे पाएगी अन्यथा भाजपा के सामने टिक पाना असंभव तो नहीं है लेकिन आसान भी नहीं लगता है समाजवादी पार्टी अगर जीतना ही जाती है तो उसे अपने प्रचार माध्यम को बेहतर से बेहतर बनाना होगा
