
संपादक
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक न्याय की बात की जिसमें सभी जातियों को समान रूप से सम्मान मिल सके ऐसी व्यवस्था विकसित करने का सिद्धांत प्रतिपादित किया न्यू मनवादियों को पचता नहीं है इसीलिए वह पानी पी पीकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को कोशते रहते हैं!
आज भी जाति के आधार पर भेदभाव खत्म नहीं हुआ है दलित और पिछड़ों को सामाजिक बराबरी की दरकार है जिसके लिए बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की बताई रास्ते पर चलने की आवश्यकता है तभी हम सामाजिक बराबरी का सपना पूरा कर सकेंगे
